दादाजी के भरोसे ने बदली किस्मत, मोनालिशा बिना कोचिंग BPSC क्रैक कर बनीं असिस्टेंट कमिश्नर

BPSC Success Story: बिहार के भागलपुर के खलीफाबाग की रहने वाली मोनालिशा ने BPSC 70वीं परीक्षा क्रैक कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर पद पर सेलेक्ट हो गईं हैं. घर की बड़ी बेटी मोनालिशा को यह सफलता आसानी से नहीं मिली है. आइन उनकी BPSC जर्नी पर एक नजर डालते हैं.

BPSC Success Story: बीपीएससी जैसी परीक्षा को क्रैक करने में कई एस्पिरेंट्स को वर्षों लग जाते हैं. इसकी तैयारी के लिए कोचिंग में लाखों की फीस भी भरते हैं. वहीं, भागलपुर की रहने वाली मोनालिशा की कहानी काफी अलग है. मोनालिशा ने अपने दूसरे ही प्रयास में प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू तीनों चरण सफलतापूर्वक क्रैक कर लिया. उन्होंने BPSC की परीक्षा को रैंक 2717 से क्रैक किया है.

BPSC Success Story Monalisha: कौन हैं मोनालिशा?

मोनालिशा बिहार के भागलपुर के खलीफाबाग की रहने वाली हैं. बेहद साधारण परिवार से आने वाली मोनालिशा के पिता संजय कुमार चौधरी BSNL में सरकारी कर्मचारी थे और अब रिटायर हो चुके हैं. उनकी मां सुषमा देवी हेल्थ एडवाइजर हैं. मोनालिशा तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं. वो बताती हैं कि कई बार समाज की तरफ से यह दबाव महसूस होता था कि बेटियों की पढ़ाई पर ज्यादा खर्च नहीं करना चाहिए. ऐसे माहौल में परिवार का साथ बहुत मायने रखता है.

पढ़ाई में एवरेज स्टूडेंट

मोनालिशा बताती हैं कि वो शुरू से पढ़ाई में एक एवरेज स्टूडेंट रही हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई भागलपुर के कार्मेल स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने 10वीं पास की. इसके बाद उन्होंने नवयुग विद्यालय, भागलपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने पटना का रुख किया और पटना विश्वविद्यालय के मगध महिला कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया.

बिना कोचिंग BPSC की तैयारी

मोनालिशा ने BPSC Exam की तैयारी के लिए किसी बड़े ऑफलाइन कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया. उन्होंने सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया. तैयारी के दौरान YouTube और Telegram उनके सबसे बड़े साथी बने. इसके अलावा मेन्स की तैयारी के लिए ऑनलाइन टेस्ट सिरिज जॉइन की.

वह बताती हैं कि उनके दादाजी ने हमेशा उन पर भरोसा किया. दिलचस्प बात यह है कि BPSC उनका प्लान A नहीं था. उनका पूरा फोकस UPSC पर था, लेकिन दादाजी को भरोसा था कि वह BPSC जरूर निकाल सकती हैं. यही विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया.

मोनालिशा ऐसे बनीं स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर

मोनालिशा का पहला BPSC प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं. लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों पर काम किया. दूसरे प्रयास में उन्होंने रणनीति बदली, तैयारी को बेहतर बनाया और नतीजा सबके सामने है. इस बार उन्होंने प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू तीनों चरण सफलतापूर्वक पार करते हुए स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद हासिल कर लिया.

मोनालिशा स्कूल के दिनों से ही एवरेज स्टूडेंट ही रही हैं. ऐसे में वो कहती हैं कि एग्जाम वो क्लियर करते हैं जो एवरेज स्टूडेंट होते हैं…टॉपर्स का कभी एग्जाम क्लियर नहीं होता. मोनालिशा की जर्नी (BPSC Success Story) एवरेज स्टूडेंट्स को प्रेरित करने वाली है.

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लेखक के बारे में

Published by: Ravi mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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