Success Story: पहले डॉक्टर अब कमिश्नर, बिहार की यंग IAS अनुपमा को भोजपुर के बाद इस जिले में पोस्टिंग

Success Story: बिहार में आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की नई लिस्ट जारी हुई है. इस लिस्ट में बिहार की यंग आईएएस ऑफिसर डॉ अनुपमा सिंह का भी नाम है. आईएएस अनुपमा सिंह की कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली है. UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों को डॉ अनुपमा सिंह की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए.

Success Story: बिहार में प्रशासनिक फेरबदल की नई लिस्ट सामने आई है. बिहार में यंग आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर की खबर आई. इस लिस्ट में बिहार में पोस्टेड यंग आईएएस अधिकारी डॉ अनुपमा सिंह का भी नाम देखा गया है. बिहार के कई जिलों में तैनात रह चुकी डॉ अनुपमा सिंह का भोजपुर जिले से भी ट्रांसफर हो चुका है. आइए आईएएस अनुपमा सिंह के यूपीएससी क्रैक करने के सफर को करीब से जानते हैं.

Success Story of IAS Anupama Singh: कौन हैं आईएएस अनुपमा सिंह?

आईएएस डॉ अनुपमा सिंह मूलरूप से बिहार के नालंदा जिले की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई पटना में हुई है. अनुपमा के पिताजी रिटायर्ड एमआर हैं और माता जी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं. शुरू से पढ़ाई में अव्वल अनुपमा सिंह ने साइंस स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा पास की. इसके बाद वो डॉक्टरी की तैयारी में लग गईं.

MBBS और MS की डिग्री

स्कूलिंग खत्म होने के बाद अनुपमा सिंह मेडिकल की तैयारी करने लगीं. बता दें कि उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की. इसके बाद भी वो रुकी नहीं बल्कि एमएस की तैयारी में लग गईं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (IMS BHU) से मास्टर ऑफ सर्जरी की डिग्री पूरी की.

ये भी पढ़ें: Success Story: मजदूर की बेटी ने रचा इतिहास, तमिलनाडु बोर्ड में टॉप कर बढ़ाया बिहार का मान

डॉक्टर बनते हुई शादी

अनुपमा सिंह डॉक्टर बनने के बाद शादी के बंधन में बंध गईं. कुछ समय के बाद उन्हें एक बेटा भी हो गया. बेटे के जन्म तक अनुपमा के मन में ये नहीं था कि वो सिविल सर्विस में भी जा सकती हैं. अपने 2 साल के बच्चे को संभालते हुए अनुपमा ने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की.

UPSC में शानदार रैंक

डॉक्टर अनुपमा सिंह को यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल हो गई. साल 2020 की यूपीएससी परीक्षा में उन्हें ऑल इंडिया रैंक 90 प्राप्त हुआ है. आईएएस अनुपमा का चयन बिहार कैडर में हो गया.

बिहार में पोस्टिंग के बाद अनुपमा सिंह को भोजपुर जिले का डीडीसी यानी डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर बनाया गया था. इसके बाद अब उनका ट्रांसफर बिहार की राजधानी पटना में हो गया है. यहां उन्हें स्वास्थ विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात किया गया है.

ये भी पढ़ें: 500 बार रिजेक्ट हुए, लेकिन नहीं मानी हार, Tier-III कॉलेज के सागर कुमार ने Google में पाई ड्रीम जॉब

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >