बिहार बोर्ड की टॉपर्स फैक्ट्री का कमबैक, टॉप 10 में 3 स्टूडेंट, पुष्पांजलि को Rank 1

Bihar Board Toppers Factory: बिहार बोर्ड का टॉपर्स फैक्ट्री कहे जाने वाला स्कूल एक बार फिर फॉर्म में वापस आ गया है. बिहार के जमुई जिले में स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने एक बार फिर से बिहार बोर्ड का टॉपर दिया है. इसी स्कूल की स्टूडेंट पुष्पांजलि कुमारी को पुष्पांजलि कुमारी को रैंक 1 मिला है.

Bihar Board Toppers Factory: बिहार बोर्ड 10वीं में सिमुलतला आवासीय विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी ने टॉप किया है. उन्हें 500 में से 492 मार्क्स मिले हैं. 98.4 प्रतिशत रिजल्ट के साथ पुष्पांजलि ने रैंक 1 प्राप्त किया है. बिहार के टॉपर्स फैक्ट्री (Bihar Board Toppers Factory) कहे जाने वाले स्कूल सिमुलतला आवासीय विद्यालय से सेशन 2022-23 के बाद कोई टॉप रैंक पर नहीं था. इस बार के रिजल्ट को देखकर कह सकते हैं कि Bihar Board Toppers Factory स्कूल ने कमबैक किया है.

Bihar Board Toppers Factory: टॉप 10 में 3 स्टूडेंट्स

सिर्फ टॉपर ही नहीं, बल्कि इस स्कूल के तीन छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनाई है. इस स्कूल से 3 स्टूडेंट का नाम टॉप 10 में शामिल है. पुष्पांजलि कुमारी के अलावा अभिनव कुमार और सुरभि सिंह ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टॉपर्स की सूची में अपना नाम दर्ज कराया है.

रैंकछात्र का नामअंकप्रतिशत
1पुष्पांजलि कुमारी49298.4%
6अभिनव कुमार48597%
10सुरभि सिंह48196.2%

सिमुलतला आवासीय विद्यालय पहले भी कई बार बिहार बोर्ड के टॉपर्स देने के लिए जाना जाता रहा है. हर साल यहां के छात्रों का प्रदर्शन चर्चा में रहता है. इस साल भी तीन छात्रों के टॉप 10 में आने से एक बार फिर यह स्कूल सुर्खियों में आ गया है.

सिमुलतला आवासीय विद्यालय का रिकॉर्ड

सालटॉप 10 में छात्रों की संख्या / उपलब्धि
2015टॉप 10 में 30 छात्र
2016टॉप 10 में 42 छात्र
2017सेकेंड और 3rd टॉपर
2018टॉप 10 में 13 छात्र
2019टॉप 10 में 16 छात्र
2020टॉप 10 में 6 छात्र
2021टॉप 10 में 14 छात्र
2022टॉप 10 में 5 छात्र
2023टॉप 10 में 10 छात्र

बिहार बोर्ड की 10वीं परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय का रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है. कई सालों तक इस स्कूल के छात्रों ने टॉपर्स लिस्ट में दबदबा बनाए रखा है. यही वजह है कि इसे अक्सर बिहार बोर्ड के “टॉपर्स की फैक्ट्री” के रूप में भी देखा जाता है.

साल 2015 में इस स्कूल ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थीं. उस साल पूरे बिहार में टॉप 10 की लिस्ट में कुल 31 छात्रों के नाम आए थे, जिनमें से 30 छात्र अकेले सिमुलतला स्कूल के थे. उसी साल यहां के छात्र नीरज रंजन और कुणाल जिज्ञासु ने 500 में से 487 अंक हासिल करके पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया था.

साल 2016 में 42 स्टूडेंट्स

इसके बाद साल 2016 में भी सिमुलतला स्कूल का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा. उस साल 10वीं के टॉप 10 में कुल 42 छात्रों के नाम आए थे और उनमें बड़ी संख्या इसी स्कूल के छात्रों की थी. लगातार दूसरे साल भी इस स्कूल ने साबित कर दिया कि यहां पढ़ने वाले छात्र बोर्ड परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं.

साल 2017 में भी यह स्कूल टॉपर्स (Bihar Board Toppers Factory) की लिस्ट में बना रहा. उस साल सेकेंड और थर्ड रैंक इसी स्कूल की छात्राओं ने हासिल की थी. भाव्या कुमारी को 92.80 प्रतिशत अंक मिले थे, जबकि हर्षिता कुमारी ने 92.4 प्रतिशत अंक लाकर तीसरा स्थान हासिल किया था.

साल 2018 की बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में भी सिमुलतला स्कूल के छात्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा. उस साल टॉप 10 की सूची में इस स्कूल के 13 छात्र शामिल थे. वहीं 2019 में भी यहां के 16 छात्रों ने टॉपर्स लिस्ट में जगह बनाई थी.

2023 के बाद से रिकॉर्ड हुआ ठंडा

हालांकि साल 2020 में इस स्कूल का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा और टॉप 10 में केवल 6 छात्र ही जगह बना पाए. लेकिन इसके बाद फिर से स्थिति बेहतर हुई. साल 2021 में सिमुलतला स्कूल के 14 छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनाई. वहीं 2022 में इस स्कूल के 5 छात्र टॉपर्स की सूची में शामिल हुए थे.

सिमुलतला आवासीय विद्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार साल 2023 के बाद यहां से छात्रों का नाम टॉप रैंक में शामिल होना कम हो गया था. इस बार रैंक 1 टॉपर इसी स्कूल से हुई हैं तो स्कूल का ये बेहतरीन कमबैक कहा जा सकता है. हालांकि, टॉप 10 में सिर्फ 3 ही स्टूडेंट इस बार शामिल हुए हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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