NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने अपने वकील के जरिए NEET UG 2026 परीक्षा आयोजित करने में NTA की “सिस्टमेटिक विफलता” को चुनौती दी है.
1. NTA को हटाकर दूसरी एजेंसी लाई जाए
याचिका में कहा गया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में NTA विफल रही है. ऐसे में एजेंसी को हटाकर नई और टेक्निकल रूप से सक्षम संस्थान बनाया जाए.
2. कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग
Federation of All India Medical Association ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि NEET UG 2026 परीक्षा दोबारा कराई जाए. याचिका में सुझाव दिया गया है कि परीक्षा की निगरानी के लिए एक हाईपावर कमेटी बनाई जाए, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को दी जाए. संगठन का कहना है कि इससे छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा दोबारा कायम हो सकेगा.
3. हाईपावर कमेटी में शामिल हों एक्सपर्ट
याचिका में यह भी कहा गया है कि कमेटी में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, फॉरेंसिक साइंटिस्ट और टेक्निकल एक्सपर्ट को शामिल किया जाए, ताकि फ्यूचर में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके.
4. डिजिटल सील और CBT मोड की मांग
FAIMA ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल सील (NEET Paper Digital Seal) लगाने की मांग की है. संगठन का मानना है कि इससे पेपर लीक की संभावना कम होगी. इसके अलावा NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने का सजेशन भी दिया.
5. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
याचिका में पेपर लीक मामले में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाए. संगठन ने कहा कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए.
6. NEIC बनाने का सुझाव
FAIMA ने एक स्वतंत्र संस्था “नेशनल एग्जाम इंटीग्रिटी कमीशन” (NEIC) बनाने का सुझाव भी दिया है. इस आयोग का काम देशभर में होने वाली बड़ी परीक्षाओं की ट्रांसपेरेंसी बनाए रखना होगा.
7. CBT मोड में हो एग्जाम
FAIMA ने कहा कि परीक्षा को CBT मोड में कराया जाना चाहिए. इससे इस परीक्षा की सुरक्षा बनी रहेगी.
2024 में भी हुआ था पेपर लीक
NEET परीक्षा को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं. वर्ष 2024 में भी पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. उस दौरान अदालत ने परीक्षा की “पवित्रता प्रभावित होने” जैसी टिप्पणी भी की थी. अब NEET UG 2026 विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है.
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