‘क्रिमिनल सिस्टम के अंदर बैठे हैं’ NEET पेपर लीक को लेकर NTA पर भड़के अलख पांडे

अलख पांडे (PC-X)

NEET UG 2026: अलख पांडे ने नीट परीक्षा कैंसल किए जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि माता-पिता और स्टूडेंट्स के सालों की मेहनत बर्बाद होती है. साथ ही NTA की निंदा की.

NEET UG 2026: नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द हो गई है, जिसके बाद बच्चों और शिक्षकों का गुस्सा उबाल पर है. प्राइवेट कोचिंग संस्थान के संस्थापक अलख पांडे ने NTA और पूरे परीक्षा सिस्टम पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक “सिस्टम के अंदर बैठे क्रिमिनल” की वजह से होता है और दोषियों पर NSA (National Security ACT) लगाकर उन्हें आतंकवादी की तरह सजा दिए जाने की मांग की.

NSA क्या है ?

NSA यानि की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम एक कानून है. जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति को देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा होने की आशंका के आधार पर बिना किसी आरोप के 12 महीने तक हिरासत में रख सकती है और जांच कर सकती है .

बच्चे और उनके माता-पिता की सालों के मेहनत बर्बाद: अलख पांडे

अलख पांडे ने छात्रों और उनके परिवारों की सालों की मेहनत का जिक्र करते हुए भावुक होकर कहा कि “ ये बहुत दुखद है. 23 लाख बच्चों ने इस एग्जाम को दिया. कई बच्चे 2, 3, 4 या 5 साल तक तैयारी करते हैं. पूरा परिवार लग जाता है. मां गहने बेचती है, पिता अपनी जरूरतें त्याग देते हैं. बच्चा पार्टी, फंक्शन, मौज-मस्ती सब छोड़ देता है. फिर पेपर देकर खुश होकर आता है कि 600+ नंबर आएंगे, सरकारी कॉलेज मिल जाएगा. लेकिन पता चलता है कि बगल वाले बच्चे के पास पूरा पेपर था क्योंकि उसके पिता अमीर थे और करोड़ों रुपये देकर पेपर खरीद लाए थे. ”

उन्होंने NTA की पूर्व घोषणा पर सवाल उठाया कि एग्जाम से कुछ दिन पहले NTA ने ट्वीट कर कहा था “यह स्कूल का एग्जाम नहीं, नेशनल लेवल का है. फुलप्रूफ सिस्टम है. ”लेकिन फिर भी पेपर लीक हो गया.

सिस्टम पर उठाए सवाल

अलख पांडे ने आरोप लगाया कि पेपर लीक में सिस्टम के भीतर के लोग शामिल होते हैं जैसे की बड़े अधिकारी, पावरफुल बिजनेसमैन और रुतबेवाले लोग. कहा कि बच्चे पर तो सख्त चेकिंग होती है (जैकेट, जूते, घड़ी, ट्रांसपेरेंट बैग), लेकिन सिस्टम के अंदर बैठे क्रिमिनलों पर कोई जांच आखिर क्यों नहीं होती? हर साल पेपर लीक होते हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती.

पेपर लीक करने वालों को आंतकवादी की तरह ट्रीट किया जाए

पेपर खरीदने वाले अभिभावक भी उतने ही गुनहगार हैं क्योंकि वे दूसरे मेहनती छात्र का सपना चुराते हैं. उन्होंने मांग की कि दोषियों की संपत्ति जब्त की जाए और पेपर लीक करने वालों को आतंकवादी की तरह ट्रीट किया जाए.

सिस्टम पर से उठा भरोसा

अलख सर ने छात्रों की मानसिक स्थिति पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा की “3-4 साल की तैयारी के बाद पेपर अच्छा देने के बावजूद एग्जाम रद्द हो जाते हैं. अब नया पेपर कब आएगा, कैसा आएगा, लीक तो नहीं होगा? सिस्टम पर भरोसा पूरी तरह टूट गया है.”

अलख पांडे ने बच्चों को दिया खास संदेश

बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा की मुश्किल समय है बेटा, लेकिन देश पर भरोसा मत छोड़ो. कोई देश परफेक्ट नहीं होता, उसे अच्छा बनाना पड़ता है. अपनी तैयारी जारी रखो. हम सब मिलकर ऐसा सिस्टम बनाएंगे जहां आगे आने वाले बच्चों के साथ यह नाइंसाफी न हो.

नीट यूजी पेपर लीक को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे

पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों के प्रदर्शन (NEET UG Protest) शुरू हो गए हैं. कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतरे, NTA के खिलाफ नारेबाजी की और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की. वहीं विपक्षी दलों ने भी सरकार और NTA पर सवाल उठाए हैं तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

दोबारा परीक्षा के लिए नहीं भरनी होगी फीस

फिलहाल CBI को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है. NTA ने कहा है की नई परीक्षा की तारीख जल्द घोषित की जाएगी जिसमे कोई अतिरिक्त फॉर्म फीस नहीं लगेगी. पुराना फॉर्म और फीस ही वैध रहेगा. इस घटना ने लाखों बच्चों के सपनों को तोड़ दिया है. विशेषज्ञों, शिक्षकों और छात्र संगठनों की मांग है कि NTA में बड़े सुधार किए जाएं और पेपर लीक पर कड़े कानून लाए जाएं.

भूमि शर्मा की रिपोर्ट

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By Shambhavi shivani

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