बेरहम है AI… लंदन से डिग्री, फिर भी 2 मिनट में रिजेक्ट हुईं भुवाना

Bhuvana Chilukuri Case: आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को इंसानों का काम आसान बनाने वाली तकनीक माना जाता है. जॉब वर्ल्ड में AI की परिभाषा पलट जाती है. ऐसा ही कुछ अनुभव किया है लंदन की टॉप यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली भारतीय मूल की छात्रा भुवाना चिलुकुरी ने. भुवाना 100 से ज्यादा जगहों पर जॉब के लिए अप्लाई कर चुकी हैं लेकिन बार-बार रिजेक्ट हो जा रही हैं.

Bhuvana Chilukuri Case: आजकल नौकरी पाने का तरीका पहले से काफी बदल गया है. कई कंपनियां अब भर्ती के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल कर रही हैं. लंदन में भारतीय मूल की छात्रा भुवाना चिलुकुरी को अच्छी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बावजूद उन्हें नौकरी के लिए बार-बार रिजेक्शन मिल रहा है. कई बार तो आवेदन करने के कुछ ही मिनट बाद उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया.

Bhuvana Chilukuri को दो मिनट में आ गया रिजेक्शन

भुवाना बताती हैं कि कई बार उन्हें आवेदन करने के कुछ ही मिनट बाद रिजेक्शन मिल गया. एक बार तो ऐसा भी हुआ कि सिर्फ दो मिनट के अंदर ही उन्हें मेल आ गया कि उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है. बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में भुवाना कहती हैं कि इतनी जल्दी रिजेक्शन मिलना काफी निराश करने वाला अनुभव होता है.

आगे वो इंटरव्यू में कहती हैं कि It’s robotic. It’s brutal, जिसका मतलब है यह मशीनी तरीका है और बेहद बेरहम है. भुवाना चिलुकुरी ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन किया है. इस दौरान वो कई इंटर्नशिप प्रोग्राम का भी हिस्सा रही हैं.

AI करता है स्क्रीनिंग

आजकल कई कंपनियां भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण में AI का इस्तेमाल कर रही हैं. सबसे पहले AI सिस्टम उम्मीदवार के CV को पढ़ता है और उसमें दिए गए अनुभव, स्किल्स और कीवर्ड्स के आधार पर फैसला करता है.

अब कई कंपनियां AI वीडियो इंटरव्यू भी करवाती हैं. इसमें उम्मीदवार को स्क्रीन के सामने बैठकर सवालों के जवाब रिकॉर्ड करने होते हैं. इस दौरान सामने कोई इंटरव्यू लेने वाला नहीं होता. उम्मीदवार सिर्फ कैमरे के सामने बोलता है.

कैंडिडेट्स भी ले रहे AI की मदद

आजकल एक ही नौकरी के लिए हजारों आवेदन आते हैं. इतने ज्यादा आवेदन को संभालने के लिए कंपनियां AI का सहारा ले रही हैं. दूसरी तरफ कई छात्र भी AI टूल्स की मदद से अपना CV और जॉब एप्लीकेशन तैयार कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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