JEE MAINS CONTROVERSY: एनटीए ने रिजल्ट की पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर दिया स्पष्टीकरण , शिफ्टवाइज स्टूडेंट काउंट एवं पर्सेन्टाल स्कोर जारी

JEE MAINS CONTROVERSY: एनटीए ने नोटिफिकेशन जारी किया था. स्टूडेंट्स का शिफ्टवाइज संख्या के साथ-साथ प्रत्येक शिफ्ट में हर पर्सेन्टाइल स्कोर पर स्टूडेंट्स का काउंट भी जारी किया है.

JEE MAINS CONTROVERSY: देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेंस के सेशन-1 (जनवरी 2024) का रिजल्ट जारी होने के बाद शुरू हुई कंट्रोवर्सी में बड़ा अपडेट आया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने रिजल्ट की पारदर्शिता दिखाते हुए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन में स्टूडेंट्स का शिफ्टवाइज संख्या के साथ-साथ प्रत्येक शिफ्ट में हर पर्सेन्टाइल स्कोर पर स्टूडेंट्स का काउंट भी जारी किया है. इस नोटिफिकेशन को कंट्रोवर्सी में एनटीए के स्पष्टीकरण के रूप में देखा जा रहा है.

असमंसज की थी स्थिति

बीई-बीटेक की परीक्षा 27 जनवरी से 1 फरवरी के मध्य 10 शिफ्टों में आयोजित की गई थी, जिसमें 12 लाख 21 हजार 624 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड थे और 11 लाख 70 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा का परिणाम 12 फरवरी को जारी किया गया था। इसके बाद से ही स्टूडेंट्स एवं पेरेन्ट्स जारी किए गए एनटीए स्कोर को लेकर असमंजस में थे। कई सवालों के जवाब नहीं मिल पा रहे थे। इसका मुख्य कारण प्रत्येक शिफ्ट में स्टूडेंट्स के रॉ स्कोर पर जारी किए गए एनटीए स्कोर में आ रही भिन्नता थी। कहीं तो 217 स्कोर पर 99 पर्सेन्टाइल स्कोर आ रहा था तो कहीं 150 स्कोर पर ही 99 पर्सेन्टाइल आ रही थी.

एनटीए से स्पष्टीकरण की थी मांग

एनटीए द्वारा इस संबंध में सभी आंकड़े जारी कर दिए गए हैं. जारी किए आंकड़ों के अनुसार 27 जनवरी से 1 फरवरी के मध्य हुई 10 शिफ्टों में समान रूप से स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा के शिफ्टें आवंटित की गई, जिसमें अधिकतम एक शिफ्ट में 1 लाख 25 हजार एवं न्यूनतम 1 लाख 16 हजार स्टूडेंट्स शामिल थे. साथ ही जेंडर व कैटेगिरी वाइज भी स्टूडेंट्स की संख्या प्रत्येक शिफ्ट में समान रखी गई. प्रत्येक शिफ्ट में छात्रों की संख्या लगभग 82 हजार तथा छात्राओं की संख्या लगभग 40 हजार रही. जारी किए गए आंकड़ों में प्रत्येक शिफ्ट में 1 पर्सेन्टाइल पर स्टूडेंट्स की संख्या भी जारी की गई.

प्रश्नपत्र बनाने का तरीका

एनटीए ने जेईई-मेन परीक्षा के लिए बनाए जाने वाले प्रश्नपत्र के तरीके को भी स्पष्ट किया. इसमें बताया गया कि एनटीए पेपर की प्रकृति को समान रखती है, बिना डिफिकल्टी लेवल को देखते हुए रेण्डम रूप से शिफ्टों में वितरित किया जाता है. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया कि रॉ स्कोर और पर्सेन्टाइल स्कोर में कोई समानता नहीं होती. नार्मेलाजेशन का प्रोसेस तय करने के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह ली जाती है.

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By Neha Singh

Neha Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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