जेब नहीं, टैलेंट तय करेगा भविष्य, ओडिशा में छात्रों की पढ़ाई होगी फ्री

Odisha Govt Free Education: ओडिशा सरकार ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई को पूरी तरह से मुफ्त करने का निर्णय लिया है.

Odisha Govt Free Education: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के छात्रों और उनके परिवारों को बहुत अच्छी खबर दी है. सरकार ने फैसला किया है कि अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक की शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त दी जाएगी.

इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने ओडिशा में भाजपा सरकार के सफल दो साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की. इस फैसले का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के हर बच्चे को पढ़ाई का समान अधिकार मिले और किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के वजह से अधूरी ना रहे.

Odisha Govt Free Education: इस योजना से जुड़ी जानकारियां:

किन्हें मिलेगा इसका लाभ: यह योजना उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए है जो ओडिशा के सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं या आगे दाखिला लेंगे. साधारण शब्दों में कहें तो अब बच्चों के पहली बार स्कूल जाने से लेकर उनकी मास्टर डिग्री पूरी होने तक, माता-पिता को कोई फीस नहीं देनी होगी.

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहारा: इस नीति का सबसे सीधा फायदा उन गरीब और मिडल क्लास परिवारों को मिलेगा जो पैसों की तंगी या भारी फीस के डर से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाते थे. अब कोई भी होनहार छात्र पैसों की कमी के कारण कॉलेज जाने से वंचित नहीं रहेगा.

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा: अक्सर आर्थिक दबाव के कारण लोग बेटियों की पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते हैं. सरकार के इस कदम से छात्राओं को पोस्ट ग्रेजुएशन तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी जिससे राज्य में महिला साक्षरता बढ़ेगी और बेटियां आत्मनिर्भर बन सकेंगी.

देश का पहला राज्य: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती शिक्षा से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन के स्तर तक की पढ़ाई को पूरी तरह मुफ्त बनाने वाला ओडिशा संभवतः देश का पहला राज्य बन गया है.

Odisha Govt Free Education: इस फैसले का राज्य पर क्या असर पड़ेगा?

  1. ट्यूशन फीस से मिलेगी पूरी मुक्ति: सरकारी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को अब एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस या अन्य ऐकडेमिक फीस की चिंता नहीं करनी होगी.
  2. ड्रॉप-आउट की दर में कमी: फीस माफ होने से स्कूल खत्म करने के बाद कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में भारी कमी आएगी जो अभी काफी ज्यादा है.
  3. युवाओं का बेहतर भविष्य: जब राज्य के युवा बिना किसी दबाव या कर्ज के अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर पाएंगे तो उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर ढूंढना और जीवन में आगे बढ़ना बहुत आसान हो जाएगा.

यह योजना जल्द ही पूरे राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और डिग्री कॉलेजों में पूरी तरह लागू कर दी जाएगी जिससे लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा.

Odisha Govt Free Education: कितने छात्रों को मिलेगा इस योजना का सीधा लाभ?

सरकारी रिपोर्ट्स और शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस फैसले का असर राज्य के बहुत बड़े छात्र वर्ग पर पड़ने वाला है. ओडिशा के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में वर्तमान में 52 लाख से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं राज्य के सरकारी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा ले रहे छात्र-छात्राओं की संख्या भी लगभग 5 से 6 लाख के बीच की है.

इस तरह देखा जाए तो स्कूल और कॉलेज मिलाकर राज्य के करीब 57 से 58 लाख विद्यार्थियों के लिए यह योजना बेहद मददगार साबित होने वाली है. अब इन लाखों बच्चों को एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस या अन्य किसी भी तरह के पढ़ाई के खर्च की चिंता नहीं करनी होगी जिससे राज्य में ड्रॉप-आउट की दर में भारी कमी आएगी.

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लेखक के बारे में

By Bhumi Sharma

भूमि शर्मा पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हुई हैं. वर्तमान में वह मुख्य रूप से जमशेदपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की खबरों को कवर करती हैं. इससे पहले वह एजुकेशन बीट और झारखंड बीट पर भी काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने शैक्षणिक बदलावों और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेखन किया है।

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