National Flag Day 2024: राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर जानें तिरंगे के बारे में

National Flag Day 2024: राष्ट्रीय ध्वज दिवस 2024: 22 जुलाई, 2024 को भारत के राष्ट्रीय ध्वज दिवस को प्रेरक उद्धरणों, ध्वज-लहराने के विचारशील विचारों और हार्दिक शुभकामनाओं के साथ मनाएं.

National Flag of Day 2024 : भारत में हर साल 22 जुलाई को राष्ट्रीय झंडा दिवस मनाया जाता है. भारत के राष्ट्रीय ध्वज को इसके वर्तमान स्वरूप में 22 जुलाई 1947 को आयोजित संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था. इसके बाद ध्वज को भारतीय गणराज्य के ध्वज के रूप में ही रखा गया. भारत में लोग राष्ट्रीय ध्वज को लोकप्रिय रूप से तिरंगा या तिरंगा कहते हैं.

भारत का राष्ट्रीय ध्वज

वर्तमान ध्वज के सबसे करीब का संस्करण 1923 में अस्तित्व में आया. इसे पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था और इसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग की धारियाँ थीं और सफेद हिस्से में चरखा रखा गया था. इसे 13 अप्रैल, 1923 को नागपुर में जलियाँवाला बाग हत्याकांड की याद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान फहराया गया था. इसे स्वराज ध्वज नाम दिया गया और यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में स्वशासन की भारत की माँग का प्रतीक बन गया.

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तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने का प्रस्ताव 1931 में पारित किया गया था. 22 जुलाई, 1947 को भारत की संविधान सभा ने स्वराज ध्वज को संप्रभु भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया, जिसमें चरखे की जगह अशोक चक्र को शामिल किया गया. 22 जुलाई को झंडा दिवस क्यों मनाया जाता है? भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से पहले विभिन्न रियासतों के शासकों ने कई तरह के झंडे इस्तेमाल किए; भारत के ब्रिटिश शासकों ने 1857 के विद्रोह के बाद पहली बार एक ही भारतीय ध्वज का विचार प्रस्तावित किया, जिसके कारण प्रत्यक्ष शाही शासन की स्थापना हुई.


संविधान सभा की स्थापना अगस्त 1947 में हुई थी, भारत को स्वतंत्रता मिलने से कुछ दिन पहले. 23 जून, 1947 को सभा ने नए स्वतंत्र भारत के लिए ध्वज चुनने के लिए एक तदर्थ समिति का गठन किया. राजेंद्र प्रसाद समिति के अध्यक्ष थे और इसके अन्य सदस्य मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, सरोजिनी नायडू, सी. राजगोपालाचारी, के.एम. मुंशी और बी.आर. अंबेडकर थे.


पंडित जवाहर लाल नेहरू ने बाद में 15 अगस्त, 1947 को भारत को अंग्रेजों से आज़ादी मिलने से ठीक पहले 22 जुलाई, 1947 को संविधान सभा में पिंगली वेकैय्या ध्वज का प्रस्ताव रखा. नेहरू ने भीड़ को दो झंडे दिए, एक खादी रेशम से बना और दूसरा खादी सूती से बना.


गहरे केसरिया, सफ़ेद और गहरे हरे रंग के क्षैतिज तिरंगे को समान भागों में, सफ़ेद पट्टी के बीच में नीले रंग में अशोक चक्र के साथ, सर्वसम्मति से अपनाया गया था. 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच, इसने भारत के डोमिनियन को उसके राष्ट्रीय ध्वज के रूप में दर्शाया और तब भी, इसने भारत गणराज्य का प्रतिनिधित्व किया है.

राष्ट्र ध्वज के बारे में रोचक तथ्य

राष्ट्रीय ध्वज एक क्षैतिज तिरंगा है जिसमें सबसे ऊपर गहरा केसरिया (केसरी), बीच में सफेद और नीचे गहरा हरा रंग बराबर अनुपात में है.

ध्वज की चौड़ाई और लंबाई का अनुपात 2:3 है.

भारत के राष्ट्रीय ध्वज को इसके वर्तमान स्वरूप में 22 जुलाई 1947 को आयोजित संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था, जब यह भारत के डोमिनियन का आधिकारिक ध्वज बन गया.

तिरंगा झंडा सबसे पहले 1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा स्वीकार किया गया था, जिसमें आज के चक्र के स्थान पर चक्र था.

केसरिया रंग साहस, त्याग और बलिदान को दर्शाता है. सफेद रंग विचारों में सच्चाई और पवित्रता को दर्शाता है और गहरा हरा रंग जीवन और समृद्धि का प्रतीक है.

सफेद पट्टी के बीच में एक पहिया (चक्र) प्रगति और गति का प्रतीक है. इसमें 24 तीलियाँ हैं.

कानून के अनुसार, भारत का राष्ट्रीय ध्वज खादी से बना होना चाहिए, जो कि महात्मा गांधी द्वारा लोकप्रिय बनाया गया कपास या रेशम का एक विशेष प्रकार का हाथ से बुना हुआ कपड़ा है.

सर्वोच्च न्यायालय ने 2002 में संविधान के अनुच्छेद 19 (i) (a) के तहत ध्वज फहराने के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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