Semiconductor Engineering: मोबाइल से लेकर एआई, इलेक्ट्रिक व्हीकल और 5G जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी की रीढ़ मानी जाने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स का दौर अब भारत में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 4 जुलाई को देश की पहली 'मेड इन इंडिया' कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च करते हुए इस सेक्टर को भारत के टेक्निकल फ्यूचर का आधार बताया. इतना ही नहीं, इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में इंजीनियरों और युवाओं से सीधे संवाद कर उन्होंने साफ संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले और सबसे अधिक अवसर देने वाले करियर ऑप्शन में शामिल होगी. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये कोर्स क्या है और कहां से करें.
सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग क्या है?
सेमीकंडक्टर एक खास इंजीनियरिंग ब्रांच है, जिसमें सिलिकॉन जैसे सेमीकंडक्टर जैसी चीजों की मदद से माइक्रोचिप, ट्रांजिस्टर, इंटीग्रेटेड सर्किट (IC), माइक्रोप्रोसेसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक टूल्स डिजाइन किया जाता है. इस ब्रांच में सिर्फ टूल्स को डिजाइन करना ही नहीं सिखाया जाता है बल्कि इसके मेकिंग और टेस्टिंग पर भी फोकस किया जाता है. इस फील्ड में लंबे समय से काम करने वाले साइंटिस्ट चिप डिजाइनिंग और उनकी प्रेजेंटेशन पर रिसर्च भी करते हैं.
सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग की पढ़ाई
इस कोर्स में छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर फिजिक्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, वीएलएसआई (VLSI), नैनो टेक्नोलॉजी, चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, एम्बेडेड सिस्टम और सर्किट डिजाइन जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं. साथ ही इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दिया जाता है.
सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग में क्या-क्या है करियर ऑप्शन?
- करियर के अवसर चिप डिजाइन इंजीनियर (Chip Design Engineer)
- वीएलएसआई डिजाइन इंजीनियर (VLSI Design Engineer)
- वेरिफिकेशन इंजीनियर (Verification Engineer)
- एम्बेडेड सिस्टम इंजीनियर (Embedded Systems Engineer)
- सेमीकंडक्टर प्रोसेस इंजीनियर (Semiconductor Process Engineer)
- टेस्टिंग और वैलिडेशन इंजीनियर (Testing & Validation Engineer)
- रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D)
- इंजीनियर माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर
- मोबाइल और कंप्यूटर हार्डवेयर इंडस्ट्री
- रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों
टॉप संस्थान जहां से कर सकते हैं सेमी कंडक्टर की पढ़ाई
NIRF Ranking 2025 के अनुसार, रिसर्च की कैटेगरी में IISc बेंगलुरु टॉप पर है. अगर आपको सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करनी है तो ये बेस्ट संस्थान है. इसके अलावा भारत के IITs जैसे कि IIT Bombay, IIT Delhi, IIT Madras, IIT Kharagpur और IIT Gandhinagar में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, वीएलएसआई और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी से जुड़े बीटेक, एमटेक और रिसर्च प्रोग्राम उपलब्ध हैं.
कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी भी ये कोर्स ऑफर करती हैं. अगर किसी संस्थान में अलग से सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग नहीं है तो आप इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE), इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मैटेरियल्स इंजीनियरिंग या वीएलएसआई/माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री हासिल करके भी इस इंडस्ट्री में काम कर सकते हैं.
कितनी मिलती है सैलरी?
शुरुआती लेवल पर लगभग 12 लाख रुपये सालाना तक का पैकेज मिल सकता है, जबकि एक्सपीरियंस और एक्सपर्ट इंजीनियरों का सालाना वेतन 1.5 करोड़ रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है. भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण और चिप डिजाइन को बढ़ावा मिलने के कारण आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.
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