BTech CS से हटकर उभर रही है ये ब्रांच, कम रैंक पर भी मिलेगी IIT NIT में एंट्री

Power Engineering: क्या आप भी CS की भीड़ से हटकर एक सिक्योर करियर चाहते हैं. जानिए पावर इंजीनियरिंग क्या है. इसमें करियर स्कोप, सरकारी व प्राइवेट जॉब्स और JoSAA काउंसलिंग के लिए बेस्ट चॉइस क्यों है.

Power Engineering: जब भी इंजीनियरिंग की बात आती है, तो ज्यादातर छात्रों और पेरेंट्स के दिमाग में सबसे पहला नाम कंप्यूटर साइंस (CS) या आईटी (IT) का ही आता है. पिछले कुछ सालों में सीएसई (CSE) का क्रेज इस कदर बढ़ा है कि हर कोई इसी रेस में भाग रहा है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस भीड़ से हटकर एक ऐसी इंजीनियरिंग ब्रांच भी है, जिसकी डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है. वह है पावर इंजीनियरिंग ब्रांच.आइए जानते हैं कि पावर इंजीनियरिंग क्या है और यह आपके लिए एक बेस्ट करियर ऑप्शन क्यों हो सकती है.

आखिर क्या है Power Engineering?

पावर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की ही एक खास और एडवांस्ड ब्रांच है. इसमें मुख्य रूप से पॉवर जनरेशन, उसे एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाने और घरों या फैक्ट्रियों तक बांटने के पूरे सिस्टम के बारे में पढ़ाया जाता है.

आज के डिजिटल युग में भले ही हम एआई (AI) और सॉफ्टवेयर की बात करें, लेकिन उन सभी कंप्यूटर्स और सर्वर्स को चलाने के लिए भी 24 घंटे बिजली की जरूरत होती है. इसी बिजली के पूरे मैनेजमेंट को संभालने का काम पावर इंजीनियर्स करते हैं.

CS से हटकर यह क्यों है एक बेस्ट ऑप्शन?

कंप्यूटर साइंस में जहां आपको कोडिंग, सॉफ्टवेयर और डेटा पर काम करना होता है, वहीं पावर इंजीनियरिंग पूरी तरह से ग्राउंड रियलिटी और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हुई है. इस ब्रांच (Power Engineering) को चुनने के कुछ बड़े फायदे नीचे दिए गए हैं:

  • कंप्यूटर साइंस में इस वक्त सीटों और नौकरियों के लिए कंपटीशन बहुत ज्यादा है. इसके मुकाबले पावर इंजीनियरिंग में अभी भीड़ कम है, जिससे अच्छे इंस्टीट्यूट में एडमिशन और जॉब मिलना थोड़ा आसान हो जाता है.
  • दुनिया अब कोयले से बनने वाली बिजली को छोड़कर सोलर, विंड और हाइड्रो एनर्जी की तरफ बढ़ रही है. इस नए सिस्टम को डिजाइन करने के लिए भारी संख्या में पावर इंजीनियर्स की जरूरत है.
  • मंदी के दौर में भले ही सॉफ्टवेयर कंपनियों में छंटनी हो जाए, लेकिन बिजली विभाग और पावर प्लांट्स कभी बंद नहीं हो सकते. इसलिए इस फील्ड में जॉब सिक्योरिटी काफी ज्यादा होती है.

सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों की भरमार

Power Engineering करने के बाद आपके पास करियर के बहुत सारे रास्ते खुल जाते हैं. आप सरकारी और प्राइवेट दोनों ही सेक्टर्स में ऊंचे पदों पर काम कर सकते हैं:

  • सरकारी नौकरियां (PSUs): भारत की सबसे बड़ी सरकारी कंपनियां जैसे NTPC, NHPC, PowerGrid, और विभिन्न राज्यों के बिजली बोर्ड हर साल GATE एग्जाम या अपने खुद के एग्जाम के जरिए इन इंजीनियर्स की सीधी भर्ती करते हैं.
  • प्राइवेट सेक्टर: टाटा पावर (Tata Power), रिलायंस एनर्जी, अडानी पावर, सुजलॉन और जीई (GE) जैसी बड़ी दिग्गज कंपनियों में पावर इंजीनियर्स के लिए बेहतरीन सैलरी पैकेज पर वैकेंसीज रहती हैं.
  • रिसर्च और डिजाइन: आप नए पावर प्लांट्स या ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बतौर डिजाइन इंजीनियर भी काम कर सकते हैं.

जोसा काउंसलिंग में कैसे चुनें Power Engineering ब्रांच?

अगर आप साल 2026 की JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने वाले हैं और आपकी रैंक कंप्यूटर साइंस के लिए थोड़ी कम रह गई है, तो निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. देश के कई टॉप आईआईटी कॉलेज जैसे IIT बॉम्बे, IIT कानपुर, IIT रुड़की और IIT दिल्ली में पावर इंजीनियरिंग या पावर सिस्टम्स के स्पेशलाइज्ड कोर्स कराए जाते हैं. चॉइस फिलिंग के दौरान आप इसे एक मजबूत बैकअप या अपनी पहली पसंद के रूप में चुन सकते हैं. आगे चलकर इस सेक्टर में सैलरी पैकेज भी काफी शानदार मिलते हैं. 

यह भी पढ़ें: IIT बॉम्बे या IIT मद्रास? CS के लिए कौन सा कॉलेज है बेस्ट, काउंसलिंग से पहले देखें रैंक

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लेखक के बारे में

Published by: Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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