IIT vs IISc, जानें आपके करियर के लिए कौन सा इंस्टीट्यूट है सबसे बेस्ट

IIT vs IISc: इंजीनियरिंग प्लेसमेंट या साइंटिफिक रिसर्च, आपके लिए कौन सा ऑप्शन है बेस्ट. जानें दोनों इंस्टीट्यूट्स के बीच का मुख्य अंतर क्या है. साथ ही जानिए दोनों इंस्टीट्यूट में से कौन बेहतर है.

IIT vs IISc: देश के लाखों छात्र हर साल इंजीनियरिंग और साइंस की पढ़ाई के लिए IIT और IISc जैसे बड़े इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन लेने का सपना देखते हैं. लेकिन अक्सर छात्रों और पेरेंट्स के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि आखिर IIT और IISc में क्या अंतर है और किस छात्र के लिए कौन सा इंस्टीट्यूट बेहतर रहेगा.

ये दोनों (IIT vs IISc) ही देश के सबसे टॉप इंस्टीट्यूट्स में शामिल हैं, लेकिन इनके पढ़ाई के तरीके, करियर के अवसरों और मुख्य फोकस में काफी अंतर होता है. इसलिए एडमिशन लेने से पहले यह समझना बहुत जरूरी है कि आपकी रुचि किस क्षेत्र में ज्यादा है. आइए जानते हैं. 

IIT vs IISc में अंतर क्या है?

विशेषता (Features)इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT)इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc)
मुख्य फोकस इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री बेस्ड एजुकेशन पर.एडवांस साइंस, रिसर्च और नई खोज (Innovation) पर.
पढ़ाई का तरीका टेक्निकल स्किल्स और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा जोर होता है.विषयों की गहराई, साइंटिफिक सोच और थ्योरी-रिसर्च पर केंद्रित.
करियर का रास्ता छात्रों को कॉर्पोरेट वर्ल्ड और टेक इंडस्ट्री के लिए तैयार किया जाता है.छात्रों को रिसर्च, वैज्ञानिक (Scientist) और शिक्षा के क्षेत्र के लिए तैयार किया जाता है.
मुख्य उद्देश्य इसका मुख्य झुकाव शानदार कैंपस प्लेसमेंट की तरफ होता है.इसका मुख्य झुकाव देश-विदेश में हायर एजुकेशन और बड़ी खोजों की तरफ होता है.

किस छात्र के लिए IIT है सबसे बेहतर विकल्प?

अगर किसी छात्र का सपना पढ़ाई पूरी करते ही बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी करना, हाई पैकेज पाना या कॉर्पोरेट वर्ल्ड में करियर बनाना है, तो IIT उसके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता है. IITs का कैंपस प्लेसमेंट नेटवर्क बहुत ज्यादा मजबूत होता है और यहां से पढ़ने वाले छात्रों को देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से सीधे जॉब ऑफर्स मिलते हैं.

जो छात्र कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, रोबोटिक्स या कोर इंजीनियरिंग डिजाइन जैसी फील्ड में आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए IIT सिलेक्ट अच्छा डिसीजन हो सकता है.

रिसर्च और नई खोज पसंद है तो चुनें IISc

अगर किसी छात्र को साइंस, लेबोरेटरी रिसर्च और नई खोजों में ज्यादा रुचि है, तो उसके लिए IISc ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है. यहां छात्रों को लैब रिसर्च, साइंटिफिक प्रोजेक्ट्स और इंटरनेशनल रिसर्च पेपर्स पर काम करने का भरपूर मौका मिलता है.

IISc खासतौर पर उन स्टूडेंट्स के लिए सबसे शानदार माना जाता है जो आगे चलकर साइंटिस्ट, रिसर्चर, प्रोफेसर बनना चाहते हैं या फिर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं.

IIT vs IISc: दोनों इंस्टीट्यूट्स की एडमिशन प्रोसेस को समझें

IIT vs IISc में एडमिशन लेने के तरीकों में भी थोड़ा अंतर होता है. IIT में BTech कोर्स में एडमिशन मुख्य रूप से JEE Advanced परीक्षा के जरिए होता है. वहीं दूसरी तरफ, IISc में एडमिशन के लिए JEE Advanced के साथ-साथ JEE Main और KVPY जैसी परीक्षाओं के स्कोर मान्य होते हैं.

हालांकि, समय-समय पर इनके एडमिशन नियमों में बदलाव भी होते रहते हैं. IISc में सीटें काफी कम होती हैं, इसलिए यहां कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा होता है और एडमिशन पाना बहुत मुश्किल माना जाता है.

प्लेसमेंट बनाम रिसर्च: दोनों का माहौल कैसा है?

IITs में छात्रों का पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि उन्हें एक अच्छी कंपनी में बेहतरीन प्लेसमेंट मिल सके. यही वजह है कि कई IITs में सालाना करोड़ों रुपये के पैकेज तक देखने को मिलते हैं. वहीं, IISc में भी प्लेसमेंट के अच्छे अवसर मिलते हैं, लेकिन यहां का पूरा माहौल हायर एजुकेशन और रिसर्च की तरफ झुका रहता है. यहां से पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र आगे की पढ़ाई के लिए विदेशों की टॉप यूनिवर्सिटीज में PhD और बड़े रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए जाते हैं.

यह भी पढ़ें: Gap Year लेने का सोच रहे हैं? पहले समझ लें इसके फायदे और नुकसान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >