पायलट बनने का पूरा रोडमैप! लाइसेंस, योग्यता और ट्रेनिंग की जानकारी

How To Become Pilot: अलग-अलग पायलट लिए अलग-अलग लाइसेंस होता है. मुख्य रूप से तीन तरह के पायलट के लाइसेंस होते हैं. SPL, PPL और CPL. आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

How To Become Pilot: पायलट बनने का सपना हर युवा नहीं देखता है. लेकिन जो भी इस फील्ड में जाने का सोचते हैं, उन्हें पता है कि ये करियर न सिर्फ रोमांच, जोखिम, लग्जरी से भरा है बल्कि इसमें सम्मान भी मिलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक प्रोफेशल पायलट बनने के लिए क्या करना पड़ता है. इसके लिए कई पड़ाव को पार करना होता है और कई तरह के लाइसेंस होता है.

शैक्षणिक योग्यता

पायलट बनने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि उम्मीदवार ने 12वीं कक्षा फिजिक्स, गणित और अंग्रेजी विषयों के साथ कम से कम 50% अंकों से पास की हो. यदि 12वीं में ये विषय शामिल नहीं थे तो पायलट कोर्स के लिए एलिजिबल नहीं होंगे. ऐसी स्थिति में आप किसी भी ओपन स्कूल से ये डिग्री पा सकते हैं.

आयु सीमा

कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के लिए आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष तय की गई है. हालांकि, छात्र पायलट लाइसेंस (SPL) के लिए 16 वर्ष की उम्र से ही शुरुआत की जा सकती है.

मेडिकल फिटनेस

पायलट बनने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना अनिवार्य है. विजन अच्छी होनी चाहिए और गंभीर बीमारियां नहीं होनी चाहिए. इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा अधिकृत डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट लेना होता है.

पायलट बनने की प्रक्रिया (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

पायलट बनने के लिए कुछ अहम चरणों से गुजरना पड़ता है. सबसे पहले उम्मीदवार को DGCA से मान्यता प्राप्त किसी फ्लाइंग स्कूल या एकेडमी में प्रवेश लेना होता है. भारत में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) जैसे कई प्रतिष्ठित संस्थान पायलट प्रशिक्षण प्रदान करते हैं.

लाइसेंस के प्रकार

  1. SPL (Student Pilot License): यह शुरुआती स्तर है.
  2. PPL (Private Pilot License): इसमें आप प्राइवेट विमान उड़ाना सीखते हैं.
  3. CPL (Commercial Pilot License): एयरलाइंस में नौकरी पाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण लाइसेंस है. इसके लिए आपको कम सेकम 200 घंटे की उड़ान का अनुभव और लिखित परीक्षाएं पास करनी होती हैं.

जरूरी स्क्लिस


एक सफल पायलट बनने के लिए केवल डिग्री या लाइसेंस होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुछ जरूरी स्क्लिस भी चाहिए. निर्णय लेने की क्षमता, अनुशासन और कॉन्फिडेंस होने चाहिए. पायलट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और अपने क्रू मेंबर्स के साथ बेहतर कम्युनिकेशन के लिए अच्छी अच्छी इंग्लिश आनी चाहिए.

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Published by: Shambhavi Shivani

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