BTech Trend 2026: IITs, NITs और अन्य इंजीनियरिंग संस्थान में एडमिशन के लिए जोसा काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी है. बीते कुछ सालों के ट्रेंड को देखें अगर तो कंप्यूटर साइंस ब्रांच की काफी डिमांड रहती है. लेकिन इस बार ट्रेंड कुछ बदल रहा है. CS को छोड़कर छात्र सिविल जैसी ट्रेडिशिनल ब्रांच को चुन रहे हैं. जेईई एडवांस में अच्छी रैंक हासिल करने वाले छात्र भी अब IIT Delhi और IIT Bombay में सिविल इंजीनियरिंग का ब्रांच चुन रहे हैं. इस पर छात्र और शिक्षक अलग -अलग राय रखते हैं.
जोसा काउंलिंग के आंकड़ें ने चौंकाया
जोसा काउंसलिंग के राउंड-1 के अनुसार, जेईई एडवांस में टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं ने IIT में कंप्यूटर साइंस की ब्रांच छोड़कर IIT Delhi में सिविल इंजीनियरिंग को चुना है. वहीं कुछ ने IIT Bombay की सिविल ब्रांच में एडमिशन लिया. इन छात्रों को आसानी से अन्य IIT जैसे कि जोधपुर, हैदराबाद, इंदौर आदि में कंप्यूटर साइंस ब्रांच मिल सकती थी. देखा जाए तो इन संस्थान को छोड़कर IIT Delhi और IIT Bombay में सिविल ब्रांच लेने का एक कारण ये भी हो सकता है कि कई स्टूडेंट ब्रांड वैल्यू पर जाते हैं.
AI से सिविल ब्रांच का कम खतरा
पूर्व छात्र और एक्सपर्ट की मानें तो AI आने के कारण IITs में ब्रांच का ये ट्रेंड बदल रहा है. कंप्यूटर साइंस जैसे ब्रांच पर AI का खतरा अधिक रहता है. वहीं, सिविल जैसे ब्रांच काफी सेफ एंड सिक्योर हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत होना और स्मार्ट सिटी जैसे प्लान्स के कारण भी कहा जा सकता है कि सिविल की डिमांड तेज हो रही है.
IIT Bombay के छात्र ने क्यों चुनी सिविल ब्रांच?
IIT Bombay से सिविल इंजीनियरिंग कर रहे शौर्य गोयल से जब प्रभात खबर ने बात की तो उन्होंने भी कुछ ऐसा ही कारण बताया. शौर्य का कहना है कि ये बात सही है कि आज के समय में सिविल में कम भीड़ और खतरा है. हालांकि, मेरा सिविल ब्रांच को चुनने का कारण कुछ और था. मैं सिविल में इंटरेस्ट नहीं रखता था लेकिन बाकी छात्रों की तरह CS लेने के बदले कुछ एक्सप्लोर करना चाह रहा था. साथ ही मुझे बेस्ट कॉलेज में एडमिशन लेना था इसलिए मैंने IIT Bombay में सिविल को चुना.
प्रोफेसर ने बताया असली कारण, माइनर डिग्री मिल जाती है
झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के वाइस चांसलर प्रोफेसर डीके सिंह का कहना है कि आज के समय में सभी IITs-NITs विभिन्न ब्रांच के साथ एक माइनर डिग्री (जिसमें AI चुन सकते हैं) ऑफर कर रहे हैं. ऐसे में सिविल में भी एडमिशन लेने वाले छात्रों को भी AI डिग्री मिल जाती है और कंप्यूटर साइंस पढ़ने की उनकी चाहत भी पूरी हो जाती है. वहीं, सिविल की डिग्री लेने से फ्यूचर में नौकरी जाने और AI का खतरा कम हो जाता है.
IIT में ब्रांच वाइज क्लोजिंग-ओपनिंग रैंक देखें
सिविल इंजीनियरिंग
- बॉम्बे (ओपनिंग 385, क्लोजिंग 4376)
- दिल्ली (ओपनिंग- 179, क्लोजिंग-4798)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- बॉम्बे (ओपनिंग- 380, क्लोजिंग- 1852)
- दिल्ली (ओपनिंग- 861, क्लोजिंग- 2131)
कंप्यूटर साइंस
- जोधपुर (ओपनिंग- 2536, क्लोजिंग- 3392)
- धनबाद (ओपनिंग- 1655, क्लोजिंग- 3994)
- तिरुपति (ओपनिंग- 2879, क्लोजिंग- 5342)
- रोपड़ (ओपनिंग- 176 क्लोजिंग- 2907)
टेबल में देखें ओपनिंग और क्लोजिंग रैंक
| ब्रांच | IIT | ओपनिंग रैंक | क्लोजिंग रैंक |
|---|---|---|---|
| सिविल इंजीनियरिंग | IIT बॉम्बे | 385 | 4376 |
| IIT दिल्ली | 179 | 4798 | |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग | IIT बॉम्बे | 380 | 1852 |
| IIT दिल्ली | 861 | 2131 | |
| कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग | IIT जोधपुर | 2536 | 3392 |
| IIT धनबाद (ISM) | 1655 | 3994 | |
| IIT तिरुपति | 2879 | 5342 | |
| IIT रोपड़ | 176 | 2907 |
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