Study MBBS Abroad: हर साल भारत में लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा देते हैं. लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें कम होने और प्राइवेट कॉलेजों की फीस बहुत ज्यादा होने की वजह से कई छात्र विदेश से MBBS करने का ऑप्शन चुनते हैं. आज के समय में कई ऐसे देश हैं जहां भारतीय छात्र कम खर्च में अच्छी मेडिकल पढ़ाई कर सकते हैं.
सबसे खास बात यह है कि कई देशों की डिग्री भारत में भी मान्य होती है, बस छात्रों को जरूरी नियम पूरे करने होते हैं. आइए जानते हैं ऐसे कौन-कौन से देश हैं, जहां से आप मेडिकल (Study MBBS Abroad) की पढ़ाई कर सकते हैं.
Study MBBS Abroad: विदेश से MBBS क्यों कर रहे हैं छात्र?
भारत में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस कई बार 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है. वहीं कुछ विदेशी देशों में MBBS की पढ़ाई इससे काफी कम खर्च में पूरी हो जाती है. इसके अलावा वहां मॉडर्न लैब, अच्छी फैसिलिटीज और इंटरनेशनल एक्सपोजर भी मिलता है. यही वजह है कि हर साल हजारों भारतीय छात्र विदेश का रुख करते हैं. वहीं हाल के सालों को देखे तो भारत में परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसे मामले देखने को मिले हैं. 2024 में नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. वहीं इस साल यानी कि 2026 में भी नीट परीक्षा में तथाकथित गड़बड़ी होने के कारण NTA की ओर से परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. ऐसे में छात्र परेशानी से बचने के लिए विदेश का रुख करते हैं.
1. रूस बना छात्रों की पहली पसंद
रूस भारतीय छात्रों के बीच MBBS के लिए काफी पॉपुलर है. यहां मेडिकल पढ़ाई की फीस काफी कम होती है और कई यूनिवर्सिटी इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई कराती हैं. रूस में रहने का खर्च भी कई यूरोपीय देशों की तुलना में कम माना जाता है. यहां पूरी पढ़ाई और रहने का खर्च लगभग 25 से 40 लाख रुपये के बीच आ सकता है.
2. नेपाल में भी मिलती है अच्छी सुविधा
Nepal भारतीय छात्रों के लिए एक अच्छा और बेहतर ऑप्शन माना जाता है. यहां की संस्कृति और खानपान भारत से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए छात्रों को ज्यादा परेशानी नहीं होती. कई मेडिकल कॉलेज भारतीय छात्रों को प्रवेश देते हैं और यहां आने-जाने में भी आसानी रहती है.
3. कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान भी चर्चा में
कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान पिछले कुछ साल में MBBS के लिए तेजी से फेमस हुए हैं. यहां फीस कम होने के साथ हॉस्टल और रहने की सुविधा भी ठीक मानी जाती है. इन देशों (Study MBBS Abroad) में भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई यूनिवर्सिटी भारतीय खाने की सुविधा भी देती हैं, जिससे छात्रों को घर जैसी फीलिंग मिलती है. यहां की डिग्रियों को पूरे विश्व में मान्यता मिलती है. कजाकिस्तान और उजबेकिस्तान में कुल मिलाकर साल के 5 से 7 लाख रुपये खर्च करके यहां से MBBS किया जा सकता है.
4. जॉर्जिया भी बन रहा है ऑप्शन
हाल के सालों में जॉर्जिया भारतीय छात्रों के लिए एक बड़े हब के रूप में उभरा है. यह देश यूरोप और एशिया के बीच स्थित है और बहुत सेफ माना जाता है. जॉर्जिया की एजुकेशन सिस्टम यूरोपीय मानकों पर बेस्ड है. यहां की डिग्री पूरी दुनिया में मान्य है. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां एडमिशन के लिए कोई अलग से एंट्रेंस एग्जाम नहीं देना पड़ता, बस NEET क्वालिफाई होना जरूरी है. यहां का कुल खर्च लगभग 30 से 45 लाख रुपये तक हो सकता है.
5. फिलीपींस में इंग्लिश लैंग्वेज का फायदा
अगर आप ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां भाषा की कोई समस्या न हो, तो फिलीपींस सबसे अच्छा है. वहां की ऑफिशियल लैंग्वेज इंग्लिश है. यहां लगभग 25 से 35 लाख रुपये में एमबीबीएस पूरी की जा सकती है. फिलीपींस का मेडिकल सिलेबस अमेरिका के पैटर्न पर बेस्ड है. इससे उन छात्रों को बहुत फायदा होता है जो आगे चलकर अमेरिका में प्रैक्टिस करना चाहते हैं.
Study MBBS Abroad: विदेश में MBBS करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विदेश में मेडिकल (Study MBBS Abroad) की पढ़ाई करने से पहले सिर्फ फीस देखकर डिसीजन नहीं लेना चाहिए. छात्रों को यह जरूर देखना चाहिए कि यूनिवर्सिटी मान्यता प्राप्त है या नहीं. साथ ही वहां की भाषा, मौसम, रहने का खर्च और पढ़ाई का तरीका भी समझना जरूरी है. भारत लौटकर डॉक्टर के तौर पर काम करने के लिए जरूरी परीक्षा और नियम भी पहले से जान लेना चाहिए. बिना सही जानकारी के लिया गया फैसला बाद में परेशानी बढ़ा सकता है.
यह भी पढ़ें: अगर आपके पास है ये Skills तो क्लाइंट हैंडलिंग के फील्ड में बनाएं करियर
