BDes vs BFA: आज के समय में डिजाइन एक तेजी से बढ़ता हुआ करियर सेक्टर बन चुका है. फैशन, ग्राफिक डिजाइन, एनीमेशन, प्रोडक्ट डिजाइन और डिजिटल मीडिया जैसे कई फील्ड में डिजाइनर्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है. ऐसे में 12वीं के बाद कई स्टूडेंट्स कन्फ्यूज हो जाते हैं कि BDes (बैचलर ऑफ डिजाइन) करें या BFA (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स). दोनों ही कोर्स (BDes vs BFA) क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, लेकिन इनका फोकस और करियर ऑप्शन अलग-अलग होते हैं. आइए जानते हैं कि डिजाइन में करियर बनाने के लिए कौन सा कोर्स (BDes vs BFA) ज्यादा बेहतर स्कोप देता है.
BDes क्या है?
बैचलर ऑफ डिजाइन (BDes) एक प्रोफेशनल डिजाइन कोर्स है, जिसमें स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार डिजाइनिंग सिखाई जाती है. इस कोर्स में कई स्पेशलाइजेशन जैसे फैशन डिजाइन, प्रोडक्ट डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन, यूजर इंटरफेस (UI/UX) डिजाइन और इंटीरियर डिजाइन मिलते हैं. BDes कोर्स में प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट, डिजाइन सॉफ्टवेयर और इंडस्ट्री ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है.
BFA क्या है?
बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) एक आर्ट बेस्ड कोर्स है, जिसमें ट्रेडिशनल आर्ट्स और क्रिएटिविटी पर ज्यादा फोकस किया जाता है. इसमें आमतौर पर पेंटिंग, स्कल्पचर, एप्लाइड आर्ट, ड्राइंग और इलस्ट्रेशन और विजुअल आर्ट जैसे सब्जेक्ट शामिल होते हैं. यह कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए अच्छा है जिन्हें पेंटिंग, स्केचिंग और आर्ट में ज्यादा इंटरेस्ट होता है.
BDes vs BFA: किसमें ज्यादा स्कोप है?
BDes एक इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्स है, जिसमें स्टूडेंट्स को मॉडर्न डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केट की जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है. आज कई क्षेत्रों में डिजाइनर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जैसे एनीमेशन और डिजिटल मीडिया, UI/UX डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन और प्रोडक्ट डिजाइन.
इस फील्ड में कंपनियां प्रोफेशनल डिजाइनर्स को अच्छे पैकेज पर हायर करती हैं, इसलिए BDes करने के बाद जॉब के अवसर ज्यादा मिलते हैं. वहीं BFA मुख्य रूप से ट्रेडिशनल आर्ट्स पर आधारित कोर्स है. इस कोर्स के बाद आप आर्टिस्ट, इलस्ट्रेटर, आर्ट टीचर या फ्रीलांस क्रिएटर के रूप में करियर बना सकते हैं.
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