Canada Fee Scam: किसान हो या शिक्षक या किसी बैंक में काम करने वाला साधारण सा कर्मचारी, माता-पिता पाई-पाई जोड़कर अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च करते हैं. उनके सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें विदेश भेजते हैं. इस उम्मीद से कि जब उनके बच्चे विदेश से पढ़ेंगे तो उनका फ्यूचर सिक्योर हो जाएगा. इसी उम्मीद में हजारों भारतीय परिवार अपने बच्चों को कनाडा जैसे देशों में पढ़ने भेज रहे हैं. लेकिन कई घटनाएं ऐसी सामने आती हैं, जिससे मन में ये सवाल उठने लगता है कि क्या विदेश में पढ़ने वाले भारतीय स्टूडेंट्स का भविष्य सुनहरा है?
भारतीय छात्रों की पहली पसंद बना कनाडा
बीते कुछ सालों से विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले भारतीय स्टूडेंट्स की विशलिस्ट में कनाडा जरूर रहता है. IT और कंप्यूटर साइंस, बिजनेस मैनेजमेंट/MBA और हॉस्पिटैलिटी जैसे कोर्स के लिए कनाडा टॉप च्वॉइस बनता जा रहा है. अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट की एक खबर के अनुसार, 2024 में लगभग 79.725 भारतीय स्टूडेंट्स हायर एजुकेशन के लिए कनाडा गए.
कनाडा के Conestoga College पर लगे गंभीर आरोप
लेकिन हाल में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसने भारतीय स्टूडेंट्स के मन में संदेह पैदा किया है. फर्जी ऑफर लेटर, कॉलेज की क्रेडिबिलिटी जैसे कई मुद्दों ने नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में सुर्खियां बनाई हैं. ताजा मामला कनाडा के ओंटारियो स्थित Conestoga College का है. इस कॉलेज पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उसने विदेशी छात्रों, खासकर भारतीय छात्रों से भारी-भरकम फीस लेकर रिकॉर्ड कमाई की है.
2021 से 2023 के बीच कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में करीब 150 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है. इस दौरान कॉलेज की कमाई लगभग तीन गुना बढ़ी है. ऐसा बताया जा रहा है कि कनाडा में विदेशी स्टूडेंट्स से लोकल स्टूडेंट्स के मुकाबले तीन गुना ज्यादा फीस ली जाती है. सरकारी ऑडिट रिपोर्ट के बाद ओंटारियो सरकार ने कॉलेज को प्रशासनिक निगरानी में ले लिया है.
विदेश में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को किन-किन परेशानियों को झेलना पड़ता है?
- दूसरे देशों में सेट होने के लिए कई चीजों को झेलना
- आर्थिक परेशानी
- माता-पिता, दोस्तों और अपने देश से दूर रहना
- महंगे किराए
- विदेश में पॉकेट मनी निकालने के लिए नौकरी खोजना
- खान-पान का अलग होना और देशी फूड आईट्मस का महंगा मिलना
- सुरक्षा और किसी भी तरह की आपदा में अपने देश लौटने की परेशानी
छात्रों और माता पिता के मन में उठे सवाल
कनाडा का ये मामला भारतीय स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता के मन में कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं. विदेश में बेहतर भविष्य के सपने के साथ लाखों रुपये खर्च करने वाले परिवार अब असमंजस में हैं कि आखिर उनकी मेहनत की कमाई और बच्चों का भविष्य सुरक्षित है या नहीं. कई परिवारों को डर सताने लगा है कि कहीं विदेश में शिक्षा का सपना उनके लिए आर्थिक और मानसिक बोझ न बन जाए.
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