NEET UG में गेस पेपर से 120 सवाल मैच होने से बढ़ी टेंशन, जांच के घेरे में पूरा एग्जाम सिस्टम

NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में आ गई है. राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG अब इस मामले की जांच कर रही है. वजह है एक ऐसा गेस पेपर, जिसमें बताए गए करीब 120 सवाल असली परीक्षा में मिलने का दावा किया जा रहा है.

NEET UG 2026: राजस्थान में नीट यूजी के गेस पेपर मिलने के बाद लाखों स्टूडेंट्स और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. राजस्थान SOG के ADGP विशाल बंसल ने कहा कि यह कोई छोटा मामला नहीं है. जांच में सामने आया है कि करीब 410 सवालों वाला एक PDF कई छात्रों के मोबाइल में मिला है. दावा किया जा रहा है कि इनमें से करीब 120 सवाल केमिस्ट्री सेक्शन में सीधे परीक्षा में दिखे.

WhatsApp पर घूमता रहा 150 पेज का PDF

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह PDF परीक्षा से करीब एक महीने पहले ही कुछ छात्रों तक पहुंच चुका था. जांच एजेंसियों को यह फाइल WhatsApp चैट्स में मिली है. करीब 150 पेज के इस दस्तावेज में 400 से ज्यादा सवाल थे.

SOG का कहना है कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह सामग्री कहां से आई और किसने सबसे पहले शेयर की. जांच एजेंसियां अब उस पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही हैं, जिसके जरिए यह PDF अलग-अलग छात्रों तक पहुंचा.

NEET UG एग्जाम पर NTA ने क्या कहा?

पूरे विवाद के बीच National Testing Agency यानी NTA ने सफाई दी है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ कराई गई थी. एजेंसी के मुताबिक प्रश्नपत्र GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों में भेजे गए थे. परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 5G जैमर का इस्तेमाल भी हुआ.

NTA ने कहा कि 7 मई की रात उसे कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद 8 मई की सुबह ही मामले को केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया. सोशल मीडिया पर कई छात्र पूछ रहे हैं कि अगर जांच में गड़बड़ी साबित होती है तो क्या दोबारा परीक्षा होगी.

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By Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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