IAS Officer Trainees: अक्सर लोग सोचते हैं कि यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद सारी कठिनाइयां कम हो जाती हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में IAS की सिर्फ ट्रेनिंग नहीं होती है बल्कि एग्जाम भी होता है. हाल ही में आए एक खबर के अनुसार, 213 IAS ट्रेनी को फिर से ये परीक्षा देनी पड़ी. अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करने वाले IAS एक ट्रेनिंग अकैडमी की परीक्षा में कैसे असफल हो गए.
TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी 2020 से एक जनवरी 2026 के बीच अकैडमी में कुल 1079 IAS ट्रेनी ने ट्रेनिंग ली है. इनमें से 213 स्टूडेंट्स परीक्षा में पास नहीं कर पाए. ये कैंडिडेट विभिन्न मूल्यांकन और परीक्षा में पास होने के लायक मार्क्स हासिल नहीं कर पाए. ऐसे में इन सभी कैंडिडेट् को री-एग्जाम देना पड़ा.
LBSNAA की ट्रेनिंग में क्या-क्या होता है?
LBSNAA की ट्रेनिंग में केवल किताबी ज्ञान का परीक्षण नहीं होता है बल्कि प्रशासनिक निर्णय क्षमता, फील्ड ट्रेनिंग, कानून, अर्थव्यवस्था, शारीरिक दक्षता और संकट प्रबंधन आदि कई स्तर पर मूल्यांकन किया जाता है.
AGMUT कैडर से सबसे ज्यादा ट्रेनी
इस रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा री-अपीयर करने वाले ट्रेनी IAS AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से रहे, जहां 21 प्रशिक्षुओं ने दोबारा परीक्षा दी.
| कैडर | री-अपीयर करने वाले IAS ट्रेनी |
|---|---|
| AGMUT कैडर | 21 |
| तमिलनाडु | 18 |
| उत्तर प्रदेश | 16 |
| बिहार | 15 |
| पश्चिम बंगाल | 15 |
| मध्य प्रदेश | 14 |
| ओडिशा | 13 |
| महाराष्ट्र | 12 |
| गुजरात | 11 |
इस लिस्ट में तमिलनाडु कैडर और उत्तर प्रदेश कैडर आता है. बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात कैडर भी शामिल है. हालांकि, UPSC ने ये साफ किया है कि किसी भी रिव्यू के दौरान नकल जैसी चीजें देखने को नहीं मिली.
सीनियर IAS ने बताया क्यों फेल होते हैं LBSNAA में ट्रेनी अधिकारी
एक वरिष्ठ Chief Development Officer (CDO), जो स्वयं IAS अधिकारी हैं, ने कहा कि LBSNAA में IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग बहुत कठिन होती है. इसमें सिर्फ किताबी ज्ञान नहींं देखा जाता है बल्कि फील्ड एक्सपोजर, जिला प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, कानून कई आधार पर मूल्यांकन किया जाता है. उन्होंने आगे कहा कि ट्रेनी IAS का दोबारा परीक्षा में शामिल होना हमेशा नेगेटिव नहीं होता.
LBSNAA का IAS ट्रेनिंग प्रोग्राम दो साल का इंडक्शन प्रोसेस होता है, जिसका उद्देश्य सिविल सेवा अधिकारियों को फील्ड-रेडी एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में तैयार करना है. इसमें अकादमिक पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल गवर्नेंस ट्रेनिंग और ग्राउंड लेवल अनुभव भी शामिल होता है.
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