'YES BANK में सबका पैसा सुरक्षित, चिंता नहीं करें' कांग्रेस के हमले के बाद बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

संकट में फंसे येस बैंक पर सबकी नजर टिकी हुई है. जहां कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोगों को भरोसा दिलाया कि येस बैंक के हर जमाकर्ता का धन सुरक्षित है चिंता करने की जरूरत नहीं है.

संकट में फंसे येस बैंक पर सबकी नजर टिकी हुई है. जहां कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोगों को भरोसा दिलाया कि येस बैंक के हर जमाकर्ता का धन सुरक्षित है चिंता करने की जरूरत नहीं है. शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं भरोसा दिलाना चाहती हूं कि येस बैंक के हर जमाकर्ता का धन सुरक्षित है, मैं रिजर्व बैंक के साथ लगातार संपर्क में हूं. रिजर्व बैंक ने मुझे भरोसा दिलाया है कि येस बैंक के किसी भी ग्राहक को कोई नुकसान नहीं होगा.

आगे वित्त मंत्री ने कहा कि येस बैंक के मुद्दे को रिजर्व बैंक और सरकार विस्तृत तौर पर देख रहे हैं, हमने वह रास्ता अपनाया है जो सबके हित में होगा. रिजर्व बैंक एक नियामक के तौर पर येस बैंक के मुद्दे का तेजी से समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है, यह कदम जमाकर्ताओं, बैंक और अर्थव्यवस्था के हित में उठाये गये हैं. उन्होंने कहा कि येस बैंक के ग्राहकों के लिए 50,000 रुपये की सीमा में पैसा निकालना सुनिश्चित करना सबसे पहली प्राथमिकता है.

येस बैंक का समाधान ‘बहुत तेजी’ से कर लिया जाएगा

संकट में फंसे येस बैंक पर मौजूदा समय में रोक लगाने के निर्णय का बचाव करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि बैंक से जुड़े मुद्दों का समाधान ‘बहुत जल्दी’ कर लिया जाएगा. येस बैंक का समाधान बहुत तेजी से कर लिया जाएगा. हमने इस पर रोक के लिए 30 दिन की समय सीमा तय की है. रिजर्व बैंक की ओर से इस दिशा में आप बहुत जल्द कार्रवाई होते देखेंगे.

राहुल ने किया प्रधानमंत्री पर हमला

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने येस बैंक के मामले को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि मोदी एवं उनके विचारों ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. गांधी ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि येस बैंक नहीं. मोदी और उनके विचारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दावा किया कि भाजपा 6 साल से सत्ता में है. वित्तीय संस्थानों को नियंत्रित और विनियमित करने की उनकी क्षमता उजागर होती जा रही है.

येस बैंक के ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी

मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने येस बैंक के ग्राहकों के हितों की सुरक्षा का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि बैंक के जमाकर्ताओं का धन सुरक्षित है और बैंक के पुनर्गठन के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. रिजर्व बैंक के गुरुवार को येस बैंक पर रोक लगाने और निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग करने के एक दिन बाद सुब्रहमण्यम ने यह बात कही है. रिजर्व बैंक ने येस बैंक के ग्राहकों पर भी महीने में 50,000 रुपये से ज्यादा की निकासी पर रोक लगा दी है.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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