100 रुपये के शेयर से पूरा गांव मालामाल, बच्चा-बच्चा बना है करोड़पति

Wipro Share: साल 1980 में विप्रो के एक शेयर की कीमत करीब 100 रुपये थी. साल 1980 में 10,000 रुपये लगाकर विप्रो का शेयर खरीदने वालों के पास आज 1,400 करोड़ की संपत्ति है.

Wipro Share: आम तौर पर बाजार जोखिमों की वजह से सामान्य आदमी कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाने से डरता और कतराता है. लेकिन, आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि देश में एक ऐसा भी गांव है, जहां का हर आदमी शेयर खरीदकर करोड़पति बन गया है. वयस्कों की बात न भी की जाए, तो आजकल के बच्चों के पास भी लाखों रुपये के शेयर हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस गांव के लोगों पर विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी का हाथ है. इसका कारण यह है कि इस गांव के तमाम लोगों ने आज से करीब 43 साल पहले विप्रो के शेयर खरीदे थे, जो आज करोड़ों रुपये दे रहे हैं. क्या आप इस गांव का नाम नहीं जानना चाहेंगे. चलिए, हम ही आपको बता देते हैं. विप्रो का शेयर खरीदकर करोड़पति बनने वाले इस गांव का नाम अमलनेर है, जो महाराष्ट्र में स्थित है.

टाउन ऑफ मिलेनियर्स से जाना जाता अमलनेर गांव

एशियानेट न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 1945 में महाराष्ट्र के अमलनेर गांव से ही विप्रो की शुरुआत हुई थी. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस गांव के प्रत्येक लोगों के पास विप्रो का शेयर है और इसके बूते वे करोड़पति बने हुए हैं. सबसे खास बात यह है कि इस गांव में किसी शिशु के पैदा होते ही उसके नाम पर विप्रो का शेयर खरीद लिया जाता है. इस गांव को ‘टाउन ऑफ मिलेनियर्स’ के नाम से भी जाना जाता है.

1980 में 100 रुपये थी विप्रो के शेयर की कीमत

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 1980 में विप्रो के एक शेयर की कीमत करीब 100 रुपये थी. आज सोमवार 11 नवंबर 2024 को उसके शेयर की कीमत करीब 573 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है. साल 1980 में 10,000 रुपये लगाकर विप्रो का शेयर खरीदने वालों के पास आज 1,400 करोड़ की संपत्ति है. उस समय अगर आप भी 100 रुपये का यह शेयर खरीद लेते, तो आज आपके पास 14 करोड़ रुपये होते. निवेशकों को इतना भारी-भरकम रिटर्न मिलने के पीछे सबसे बड़ा कारण 43 सालों के दौरान कंपनी की ओर से दिए जाने वाले बोनस शेयर, स्टॉक स्प्लिट और डिविडेंड है. कंपनी ने इतनी बार अपने निवेशकों को बोनस शेयर, स्टॉक स्प्लिट और डिविडेंड दिए हैं कि वे करोड़पति बन गए.

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43 साल में 100 रुपये के 1 शेयर की वैल्यू 14 करोड़

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2024 से पहले विप्रो ने अपने निवेशकों को साल 2020 और 2021 में प्रति शेयर 1 रुपये का डिविडेंड दिया था. 1980 से 2021 तक के 40 सालों में विप्रो के 100 रुपये वाला शेयर 2.56 करोड़ शेयर हो गया था. इससे निवेशकों शेयर के डिविडेंड से ही करीब 2.56 करोड़ रुपये मिल गए. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 1980 में 10 रुपये की कुल कीमत साल 2024 में बढ़कर 1,400 करोड़ से अधिक होगी. इसका मतलब यह कि अगर कोई आदमी 1980 में 100 रुपये का एक शेयर खरीदता, तो आज उसकी वैल्यू बढ़कर 14 करोड़ हो गई होती.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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