डिलीवरी वाले बार-बार कॉल क्यों करते हैं, जबकि आपका पता सही होता है? जानिए वजह

DIGI PIN यानी डिजिटल गेट पिन आपके घर की एकदम सटीक डिजिटल लोकेशन होती है. इसे देखकर डिलीवरी वाला आपके घर के गेट तक बिना किसी भटकाव के सीधे पहुंच जाता है. इससे डिलीवरी जल्दी और सही तरीके से हो जाती है.

DIGI PIN: क्या आपने कभी सोचा है कि जब भी आप ऑनलाइन कुछ मंगाते हैं, तो डिलीवरी वाला बार-बार कॉल क्यों करता है, जबकि आपका पता तो बिल्कुल सही लिखा होता है? इसका कारण है कि अब डिलीवरी सर्विसेज को सिर्फ पता नहीं, बल्कि आपके घर की बिल्कुल सही डिजिटल लोकेशन चाहिए होती है,और यह काम DIGI PIN करता है.

DIGI PIN क्या है?

DIGI PIN यानी डिजिटल गेट पिन आपके घर की एकदम सटीक डिजिटल लोकेशन होती है. इसे देखकर डिलीवरी वाला आपके घर के गेट तक बिना किसी भटकाव के सीधे पहुंच जाता है. इससे डिलीवरी जल्दी और सही तरीके से हो जाती है.

DIGI PIN कैसे निकालें?

आप आसानी से अपने घर का DIGI PIN Google पर देख सकते हैं. बस Google खोलिए, सर्च में “DIGI PIN” लिखिए और लोकेशन की अनुमति दीजिए. आपके सामने आपकी वर्तमान लोकेशन का DIGI PIN आ जाएगा. या फिर आप Google Maps ऐप खोलकर अपने घर के गेट पर लॉन्ग प्रेस करें. जैसे ही वहां एक लाल पिन गिरेगा, नीचे आपको Plus Code या Location Code दिखेगा. यही आपका DIGI PIN है.

DIGI PIN का उपयोग कैसे करें?

जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग करें, अपने एड्रेस के साथ DIGI PIN भी जरूर डालें. इससे डिलीवरी वाला बिना किसी परेशानी के सीधे आपके घर पहुंच जाएगा. आप इसे WhatsApp पर भी डिलीवरी वाले को भेज सकते हैं. इसके अलावा, टैक्सी बुकिंग या इमरजेंसी सेवाओं में भी DIGI PIN शेयर करने से मदद मिलती है. हमारा पता तो सिर्फ घर या कॉलोनी तक पहुंचने में मदद करता है, लेकिन DIGI PIN रास्ता दिखाता है. सही रास्ता मिलने से डिलीवरी समय पर और बिना किसी परेशानी के हो जाती है.

Digi pin (screenshot)

ध्यान दें ! यह जानकारी डिजिटल लोकेशन की समझ बढ़ाने के लिए है. DIGI PIN या लोकेशन कोड अलग-अलग ऐप और एरिया के हिसाब से बदल सकते हैं. सही इस्तेमाल के लिए Google Maps की आधिकारिक गाइड देखना अच्छा रहेगा.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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