Post Office Monthly Income Scheme: अगर आप अपनी जमापूंजी पर बिना कोई रिस्क लिए हर महीने एक तय इनकम चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की ‘मंथली इनकम स्कीम’ (POMIS) एक बेहतरीन ऑप्शन है. यह योजना उन लोगों के लिए सबसे अच्छी है जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर सेफ इनवेस्टमेंट करना चाहते हैं. इसमें आप एक बार पैसा जमा करते हैं और अगले 5 सालों तक आपको हर महीने ब्याज मिलता रहता है.
कितना पैसा जमा कर सकते हैं और क्या है ब्याज दर?
इस स्कीम में इनवेस्टमेंट की सीमा बहुत स्पष्ट है. अगर आप अकेले अकाउंट खोलते हैं, तो अधिकतम 9 लाख रुपये जमा कर सकते हैं. वहीं, पति-पत्नी या दो-तीन लोग मिलकर ‘जॉइंट अकाउंट’ खोलते हैं, तो इसकी सीमा 15 लाख रुपये तक हो जाती है. फिलहाल सरकार इस पर 7.40% सालाना ब्याज दे रही है. खास बात यह है कि एक बार अकाउंट खुलने के बाद पूरे 5 साल तक आपको उसी रेट से ब्याज मिलता रहेगा, भले ही बाद में दरें बदल जाएं.
हर महीने आपके हाथ में कितना पैसा आएगा?
जमा की गई राशि के हिसाब से आपकी मंथली इनकम तय होती है. उदाहरण के लिए:
- 1 लाख जमा करने पर: लगभग 617 रुपये महीना
- 5 लाख जमा करने पर: लगभग 3,083 रुपये महीना
- 15 लाख (जॉइंट अकाउंट) जमा करने पर: पूरे 9,250 रुपये महीना
यह पैसा सीधे आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में हर महीने क्रेडिट कर दिया जाता है.
समय से पहले पैसा निकाला तो क्या होगा?
POMIS का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है, लेकिन इमरजेंसी में आप इसे पहले भी बंद कर सकते हैं. हालांकि, इसके कुछ नियम हैं:
- 1 साल से पहले: आप पैसा नहीं निकाल सकते.
- 1 से 3 साल के बीच: कुल जमा राशि में से 2% काटकर वापस मिलेगी.
- 3 से 5 साल के बीच: जमा राशि में से 1% की कटौती की जाएगी.
किसे इन्वेस्ट करना चाहिए और टैक्स का क्या नियम है?
यह स्कीम रिटायर हो चुके लोगों और घरेलू महिलाओं के लिए सबसे उपयोगी है जिन्हें घर चलाने के लिए फिक्स्ड अमाउंट की जरूरत होती है. ध्यान रहे कि इसमें जमा पैसे पर Section 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती और मिलने वाला ब्याज आपकी सालाना इनकम में जोड़कर टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है. आप अपने नजदीकी डाकघर में जाकर पहचान पत्र और फोटो के साथ यह खाता आसानी से खुलवा सकते हैं.
ये भी पढ़ें: FD या सरकारी बचत योजनाएं, जानें कहां मिलेगा इनवेस्टमेंट पर सबसे ज्यादा इन्टरेस्ट और सिक्योरिटी
