अमेरिका ने रेसिप्रोकल टैरिफ पर 90 दिन की लगाई रोक, भारत के निर्यातकों को मिली बड़ी राहत

Reciprocal Tariff Suspend: अमेरिका की ओर से 90 दिनों के लिए जवाबी शुल्क टालने से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है. इससे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत को गति मिलेगी और इलेक्ट्रॉनिक व वस्त्र उद्योग को वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं मिलेंगी. यह निर्णय निवेश और सप्लाई चेन स्थिरता के लिए रणनीतिक अवसर साबित हो सकता है.

Reciprocal Tariff Suspend: अमेरिका ने भारत समेत दुनियाभर के करीब 75 देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) को 90 दिनों के लिए टालने का फैसला किया है. उसके इस फैसले से भारतीय निर्यातकों में खुशी की लहर दौड़ गई है. इस निर्णय को भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. निर्यातकों का मानना है कि इससे कूटनीतिक बातचीत को गति मिलेगी और व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे.

निर्यातकों के लिए बड़ी राहत: फियो अध्यक्ष रल्हन

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने इस फैसले को रणनीतिक विराम बताया है. उनके अनुसार, यह निर्णय संभावित समाधानों की राह खोलता है और भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत प्रदान करता है. उन्होंने कहा,

“यह हमारे निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है. जवाबी शुल्क को 90 दिन के लिए टालने से कूटनीतिक जुड़ाव और व्यापार वार्ता के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध हुआ है.”

चीन पर बढ़ा टैरिफ, भारत के लिए अवसर

अमेरिका ने अधिकांश देशों पर लगे टैरिफ को अस्थायी रूप से हटा दिया है. वहीं, चीन से आयात पर शुल्क को बढ़ाकर 125% कर दिया गया है. ऐसे में भारतीय उद्योग जगत के लिए एक सुनहरा मौका है कि वे मध्यवर्ती वस्तुओं का आयात चीन से करें और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दें.

मुंबई के निर्यातक एसके सर्राफ ने कहा कि यह समय भारत और चीन के साथ आने का एक अच्छा अवसर हो सकता है. खासकर, वस्त्र उद्योग में जहां चीन से धागे आयात कर अंतिम उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं.

इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए भारत के पास सुनहरा मौका

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने इस फैसले को इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इन इंडिया के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक अवसर बताया है. उन्होंने कहा,

“यह समय उद्योगों को चीन से हटाकर भारत में लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने का है. भारत को तेजी से और निर्णायक रूप से आगे बढ़ना चाहिए ताकि हम इस मौके का भरपूर लाभ उठा सकें.”

ग्लोबल सप्लाई चेन में आएगी स्थिरता

इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा कि यह राहत भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन को स्थिर करने और टिकाऊ व्यापार समझौतों की दिशा में काम करने का अवसर प्रदान करती है.

इसे भी पढ़ें: रेपो रेट में कटौती होते ही इन दो बैंकों 0.25% घटा दी ब्याज दरें, जानिए कैसे मिलेगा फायदा

भारत के लिए रणनीतिक बढ़त का समय

अमेरिका की ओर से 90 दिनों के लिए रिप्रोसिकल टैरिफ पर रोक लगाने का फैसला भारतीय व्यापार और विनिर्माण सेक्टर के लिए एक रणनीतिक बढ़त प्रदान कर सकता है. अगर भारत ने इस अवसर का सही इस्तेमाल किया, तो यह विदेशी निवेश, घरेलू निर्माण और निर्यात में वृद्धि के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.

इसे भी पढ़ें: ISRO में वैज्ञानिक की नौकरी छोड़ शुरू की टैक्सी स्टार्टअप, आज कमा रहे 2 करोड़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >