अब UPI से पेमेंट करने के लिए हर बार QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होगी. UPI Tap & Pay फीचर लॉन्च हो चुका है, जिसमें यूजर NFC-enabled स्मार्टफोन को NFC-enabled POS मशीन के पास टैप करके पेमेंट कर सकता है. यह सुविधा 10 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 में लॉन्च की गई. इसे RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने लॉन्च किया.
कैसे काम करेगा UPI Tap & Pay?
इसके लिए फोन में NFC होना जरूरी है. पेमेंट के समय NFC-enabled फोन को अनलॉक करके POS मशीन पर टैप करना होगा. खास बात यह है कि यूजर के फोन में मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी पेमेंट हो सकता है, क्योंकि ट्रांजैक्शन के लिए POS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल किया जाता है.
NPCI के मुताबिक यह सुविधा UPI से जुड़े कई अकाउंट टाइप को सपोर्ट करती है, जिसमें RuPay Credit Card on UPI भी शामिल है. ₹5,000 तक के UPI Tap & Pay ट्रांजैक्शन बिना UPI PIN के किए जा सकते हैं. वहीं, ₹5,000 से ज्यादा के पेमेंट पर POS मशीन पर UPI PIN डालना होगा.
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क्या Tap & Pay पर भी MDR का असर पड़ेगा?
यहां नए UPI MDR नियम को समझना जरूरी है. Tap & Pay, UPI का ही एक पेमेंट तरीका है, इसलिए जहां ट्रांजैक्शन नए MDR नियम के दायरे में आने वाला P2M यानी Person-to-Merchant पेमेंट होगा, वहां MDR का नियम लागू हो सकता है.
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के पात्र मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया गया है. यह चार्ज ग्राहक से अलग से नहीं लिया जाना है, बल्कि मर्चेंट साइड पर लागू होगा. हालांकि सभी मर्चेंट और सभी ट्रांजैक्शन एक जैसे MDR के दायरे में नहीं हैं.
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ग्राहक के लिए इसका क्या फायदा?
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि पेमेंट का तरीका ज्यादा तेज हो जाता है. ग्राहक को QR कोड ढूंढकर कैमरा खोलने और स्कैन करने की जरूरत नहीं होगी. NFC वाला फोन POS मशीन पर टैप करके पेमेंट किया जा सकता है. यानी आगे चलकर छोटी दुकानों, रिटेल स्टोर, मेट्रो, कैफे या दूसरे POS-based पेमेंट वाले स्थानों पर “स्कैन करो और पे करो” की जगह “टैप करो और पे करो” का विकल्प मिल सकता है.
