लंदन में पान थूक रहे थे भारतीय, ऐसा जुर्माना ठोका कि जिंदगी भर पछतावा होगा !

London Paan Spitting: यह मामला लंदन के ब्रेंट काउंसिल इलाके का है. अक्षत कुमार पटेल को किंग्सबरी स्टेशन के बाहर और हितेश पटेल को नॉर्थ वेम्बली स्टेशन के पास पान थूकते हुए पकड़ा गया था.

London Paan Spitting: कहते हैं कि आदतें इंसान का पीछा नहीं छोड़तीं, लेकिन कभी-कभी यही आदतें सात समंदर पार भारी मुसीबत बन जाती हैं. भारत की गलियों में पान या गुटखा खाकर दीवारों को ‘लाल’ करना भले ही कुछ लोगों के लिए आम बात हो, लेकिन लंदन की सड़कों पर ऐसा करना अक्षत और हितेश नाम के दो व्यक्तियों को बहुत महंगा पड़ गया. सफाई के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए ब्रिटिश कोर्ट ने इन दोनों पर कुल 3.44 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है.

क्या है पूरा मामला ?

यह मामला लंदन के ब्रेंट काउंसिल इलाके का है. अक्षत कुमार पटेल को किंग्सबरी स्टेशन के बाहर और हितेश पटेल को नॉर्थ वेम्बली स्टेशन के पास पान थूकते हुए पकड़ा गया था. प्रशासन ने पहले उन पर करीब 12 हजार रुपये का छोटा जुर्माना लगाया था. जब इन दोनों ने जुर्माने को हल्के में लिया और पैसे नहीं भरे, तो मामला कोर्ट पहुँच गया. कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रत्येक व्यक्ति पर 1 लाख 72 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगा दिया.

”जीरो टॉलरेंस”: प्रशासन का सख्त संदेश

इस फैसले के बाद ब्रेंट काउंसिल की कैबिनेट सदस्य कृपा सेठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि गंदगी फैलाने वालों के लिए उनके पास कोई जगह नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि “हम उन लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कतई बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाते हैं जो हमारी सड़कों को गंदा करते हैं. यह जुर्माना उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है जो सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं. गंदगी फैलाएंगे, तो कीमत चुकानी ही होगी.”

ब्रेंट काउंसिल: आखिर यह है क्या ?

कई लोगों के मन में सवाल होगा कि यह ‘ब्रेंट काउंसिल’ क्या है जिसने इतनी बड़ी कार्रवाई की ? सरल भाषा में समझें तो जैसे भारत में नगर निगम (Municipality) होती है, वैसे ही लंदन में ‘काउंसिल’ होती है. इनका काम अपने इलाके की साफ-सफाई, सड़कों का रखरखाव, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इनके पास नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने और उन्हें कोर्ट तक घसीटने का पूरा अधिकार होता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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