DA Hike : पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (Pensioners) के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है. मुख्यमंत्री माणिक साहा ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में सीधे 5% की बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक ऐलान किया है.
इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य कर्मचारियों का कुल डीए बढ़कर उनकी बेसिक सैलरी का 41 फीसदी हो गया है. बढ़ती महंगाई के इस दौर में इस फैसले से कर्मचारियों की हर महीने घर आने वाली सैलरी (Take-home Salary) में तगड़ा इजाफा देखने को मिलेगा.
कब से लागू होगा नियम
त्रिपुरा सरकार का यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा. राज्य सरकार का साफ कहना है कि वे अपने कर्मचारियों के डीए (DA) स्तर को जल्द से जल्द केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर लाना चाहते हैं. डीए में इस 5% की बढ़ोतरी की वजह से त्रिपुरा सरकार के खजाने पर हर साल ₹500 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
त्रिपुरा के लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा
मुख्यमंत्री के इस कदम से राज्य के 1,02,563 सरकारी कर्मचारियों और 81,019 पेंशनर्स को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा.
त्रिपुरा के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कुल बजट ₹34,212.31 करोड़ का है, जिसमें से लगभग ₹15,000 करोड़ रुपये सिर्फ कर्मचारियों के वेतन और पेंशन देने में खर्च होंगे. हालांकि, इस घोषणा पर राजनीति भी शुरू हो गई है; विपक्ष का कहना है कि सरकार को यह ऐलान अलग से करने के बजाय विधानसभा में बजट भाषण के दौरान करना चाहिए था.
देश के अन्य राज्यों और बैंकों में भी ‘सैलरी हाइक’ की बहार
सिर्फ त्रिपुरा ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी कर्मचारियों के लिए पैसों की बारिश हो रही है. आइए इस तालिका से समझते हैं कि कहाँ कितना फायदा मिल रहा है.
| विभाग / राज्य | क्या हुआ बदलाव? |
| रेलवे और केंद्रीय कर्मचारी | डीए (DA) को 58% से बढ़ाकर सीधे 60% कर दिया गया है. |
| बैंक कर्मचारी | मई से जुलाई 2026 के बीच सैलरी में ₹435 से ₹1,050 तक की बढ़ोतरी होगी. |
| महाराष्ट्र सरकार | मई की सैलरी के साथ कर्मचारियों को ₹800 करोड़ का डीए एरियर (बकाया) मिल रहा है. |
| यूपी, तमिलनाडु, ओडिशा, बिहार | इन राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों का डीए 2% बढ़ा दिया है. |
8वें वेतन आयोग पर टिकीं सब की नजरें
देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की नजरें अब 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन पर टिकी हुई हैं. देश के बड़े कर्मचारी संगठनों (जैसे NC-JCM और AIDEF) ने सरकार को अपनी मांगें सौंप दी हैं.
उनकी मुख्य मांग है कि नए वेतन आयोग में एक ऐसा ‘वेतन मॉडल’ तैयार किया जाए जो सीधे महंगाई से जुड़ा हो, ताकि भत्तों को महंगाई के हिसाब से पूरी तरह एडजस्ट किया जा सके. अगर केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई बड़ा फैसला लेती है, तो आने वाले दिनों में देश भर के कर्मचारियों की सैलरी में एक बार फिर बंपर उछाल देखने को मिल सकता है.
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