Traffic Challan New Rule : अगर आपकी गाड़ी का भी कोई चालान कटा हुआ है और आप इस उम्मीद में हैं कि आगामी लोक अदालत में जाकर इसे पूरी तरह माफ या बेहद कम करा लेंगे, तो आपके लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है. सरकार ने लोक अदालत के नियमों में 50-45 का एक नया फॉर्मूला (Traffic Challan New Rule) शामिल कर दिया है. इस नए नियम के मुताबिक, अब आप सीधे लोक अदालत का रुख नहीं कर सकते. आपको राहत पाने के लिए भी पहले अपनी जेब ढीली करनी होगी.
क्या है 50-45 का नया फॉर्मूला ?
नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी चालान के निपटारे के लिए लोक अदालत में आवेदन करने से पहले आपको उस चालान की कुल राशि का 50 प्रतिशत (आधा हिस्सा) राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करना होगा. जब तक आप यह आधा भुगतान नहीं करेंगे, तब तक लोक अदालत में आपके केस की सुनवाई नहीं की जाएगी.
इसके साथ ही 45 दिनों की एक समय-सीमा भी तय की गई है. वाहन मालिक को चालान कटने के 45 दिनों के भीतर या तो यह आधा जुर्माना भरना होगा या फिर पोर्टल पर अपनी आपत्ति/शिकायत दर्ज करानी होगी. इस मियाद के बीत जाने के बाद ही लोक अदालत में जाने का विकल्प मिलेगा.
5 चालान कटते ही ड्राइविंग लाइसेंस होगा रद्द
ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को लेकर भी सरकार ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है. इसके तहत:
- लाइसेंस कैंसिलेशन: 1 जनवरी 2026 से लागू नियम के मुताबिक, यदि किसी वाहन चालक का एक साल के भीतर 5 या उससे ज्यादा बार चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः (Automatically) रद्द कर दिया जाएगा.
- गाड़ी होगी ब्लैकलिस्ट: जिन वाहनों के चालान लंबे समय से बकाया (Pending) हैं, उन्हें परिवहन विभाग द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा.
ब्लैकलिस्ट होने पर रुक जाएंगी ये सुविधाएं
अगर आपकी गाड़ी एक बार ब्लैकलिस्ट हो गई, तो आप परिवहन विभाग की वेबसाइट पर केवल टैक्स पेमेंट कर पाएंगे. इसके अलावा गाड़ी से जुड़ी अन्य कोई भी सामान्य सेवा जैसे गाड़ी का मालिकाना हक बदलना (Ownership Transfer), घर का पता बदलना, गाड़ी की कैटेगरी बदलना, परमिट, फिटनेस और हाइपोथेकेशन कैंसिलेशन (लोन खत्म होने की प्रक्रिया) जैसी सभी जरूरी सेवाएं पूरी तरह ब्लॉक कर दी जाएंगी.
अब 50 साल तक वैलिड रहेगा DL
सख्त नियमों के बीच वाहन चालकों के लिए एक राहत भरी खबर भी आ रही है. वर्तमान नियमों के मुताबिक, एक बार ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने के बाद वह 20 साल के लिए या फिर आवेदक की उम्र 40 साल होने तक ही वैध (Valid) रहता है.
लेकिन सरकार अब इस 40 साल की उम्र सीमा को बढ़ाकर 50 साल करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. अगर यह फैसला लागू होता है, तो आम जनता को बार-बार आरटीओ (RTO) के चक्कर काटने और रिन्यूअल के झंझट से लंबी मुक्ति मिल जाएगी. इसके साथ ही, ऑनलाइन माध्यम से गाड़ियों के ट्रांसफर और परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया को भी पहले से कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित बनाने की तैयारी चल रही है.
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