Noida International Airport: उत्तर प्रदेश के नोएडा में बना जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उड़ान भरने के लिए तैयार है. कल हीं 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन किया. इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने में टाटा स्टील ने अपनी मजबूती की छाप छोड़ी है. जमशेदपुर की इस दिग्गज कंपनी ने भारी मात्रा में स्टील की सप्लाई कर एयरपोर्ट के ऊंचे और आधुनिक ढांचे को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है.
टाटा स्टील ने क्या-क्या सप्लाई किया?
एयरपोर्ट की मजबूती के लिए टाटा स्टील ने कई तरह के प्रीमियम प्रोडक्ट्स भेजे हैं. कंपनी ने 13.8 किलो टन ‘गैल्वारोस’ (गैल्वनाइज्ड प्लेन) स्टील की सप्लाई की है. इसका इस्तेमाल 16 लाख वर्ग फीट से भी ज्यादा इलाके में डक्टिंग सिस्टम बनाने के लिए किया गया है. इसके अलावा, टर्मिनल और कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए 7,400 मीट्रिक टन टाटा टिस्कॉन रिबार्स (सरिया) और 227 मीट्रिक टन वायर मेश भी लगाया गया है.
क्यों खास है यह डक्टिंग सिस्टम?
एयरपोर्ट के भीतर हवा के बहाव और वेंटिलेशन को बेहतर बनाने के लिए टाटा स्टील ने अपने खास पार्टनर डीएस डक्टोफैब सिस्टम्स के साथ मिलकर काम किया है. प्रिसिजन-इंजीनियर्ड डक्टिंग की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट के अंदर वर्ल्ड क्लास फैसिलिटीज और सेफ एनवायरनमेंट मिलेगा. साथ ही, 960 मीट्रिक टन टाटा स्टील ट्यूब्स ने निर्माण कार्य को और अधिक रफ्तार दी है.
क्या होगा इस एयरपोर्ट का फायदा?
प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के साथ ही जेवर एयरपोर्ट अब भारत के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभरेगा. टाटा स्टील के वर्ल्ड क्लास प्रोडक्टस के इस्तेमाल से यह सुनिश्चित हुआ है कि एयरपोर्ट की बिल्डिंग न केवल सुंदर दिखेगी, बल्कि दशकों तक अडिग भी रहेगी. यह प्रोजेक्ट देश में आधुनिक बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
ये भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट का शुभारंभ, पहले चरण में 10 हजार करोड़ का खर्च, कुल लागत 30 हजार करोड़
