Subhadra Yojana: ओडिशा की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. राज्य सरकार सुभद्रा योजना की पांचवीं किस्त 28 अगस्त 2026 यानी रक्षाबंधन के दिन जारी करने जा रही है. उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रवाती परिदा के अनुसार, पांचवीं किस्त के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹5,000 की आर्थिक सहायता सीधे डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी.
28 अगस्त को जारी होगी पांचवीं किस्त
सरकार ने सुभद्रा योजना की पांचवीं किस्त जारी करने के लिए 28 अगस्त की तारीख तय की है. रक्षाबंधन के अवसर पर नयागढ़ में राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान सहायता राशि जारी की जाएगी. पात्र महिलाओं के बैंक खातों में पैसा सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगा.
1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ
ओडिशा सरकार के मुताबिक, पांचवीं किस्त के लिए एक करोड़ से अधिक पात्र महिला लाभार्थियों को शामिल किया गया है. 25 अगस्त की तैयारियों के अनुसार करीब 1.03 करोड़ पात्र महिलाएं इस किस्त का लाभ पाने वाली हैं और कुल ₹5,160 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी.
21 साल की नई पात्र युवतियों को भी फायदा
सुभद्रा योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. ऐसे में 21 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकीं और योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने वाली नई आवेदक युवतियां भी लाभ की पात्र हो सकती हैं. सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र नए लाभार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा.
नई पात्र महिलाओं को मिल सकती हैं पिछली किस्तें भी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो पात्र महिलाएं पहले योजना से बाहर रह गई थीं और बाद में उनका आवेदन स्वीकृत हो जाता है, उन्हें 28 अगस्त को पिछली पात्र किस्तों समेत भुगतान किया जा सकता है. यानी नए पात्र लाभार्थियों को एक साथ कई किस्तों की राशि मिलने का फायदा मिल सकता है.
हर साल ₹10,000 की आर्थिक मदद
सुभद्रा योजना के तहत पात्र महिलाओं को पांच वर्षों में कुल ₹50,000 की सहायता दी जाती है. हर साल ₹10,000 दो किस्तों में दिए जाते हैं.एक किस्त अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मार्च में और दूसरी रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त में. इसलिए प्रत्येक किस्त की राशि ₹5,000 है.
अब तक चार किस्तें जारी
ओडिशा सरकार के अनुसार, चौथी किस्त 8 मार्च 2026 को जारी की गई थी. उस समय एक करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹5,000 की सहायता दी गई थी. सरकार के मुताबिक, चार किस्तों में अब तक करीब ₹20,600 करोड़ से अधिक की राशि महिलाओं तक पहुंचाई जा चुकी है.
