Stock Market Weekly Outlook : भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए जून महीने का पहला हफ्ता बेहद उतार-चढ़ाव भरा और एक्शन से भरपूर रहने वाला है. बाजार के दिग्गज विश्लेषकों (Analysts) के मुताबिक, इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा, अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली वार्ता और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव से तय होगी. इसके अलावा, देश के कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े, ऑटो कंपनियों के बिक्री आंकड़े और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी बाजार की चाल को प्रभावित करेगा.
पिछले हफ्ते बाजार में रही थी मंदी
बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख देखा गया था.
- सेंसेक्स (BSE Sensex): 639.61 अंक यानी 0.84% टूटकर बंद हुआ.
- निफ्टी (NSE Nifty): 171.55 अंक यानी 0.72% की कमजोरी के साथ बंद हुआ.
इस हफ्ते बाजार को प्रभावित करने वाले 5 बड़े फैक्टर्स (Triggers)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस हफ्ते निवेशकों को अपनी रणनीति बनाने के लिए इन 5 बड़े घटनाक्रमों पर करीब से नजर रखनी होगी.
- RBI की मौद्रिक नीति (MPC) का फैसला (सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर) : सप्ताह की सबसे महत्वपूर्ण घटना शुक्रवार (5 जून) को होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक का निर्णय होगी. स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा के अनुसार, बढ़ती महंगाई और मुद्रा बाजार की बदलती परिस्थितियों के बीच निवेशक इस बात पर पैनी नजर रखेंगे कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों (Interest Rates) और भविष्य के रुख को लेकर क्या संकेत देता है.
- अमेरिका-ईरान वार्ता और क्रूड ऑयल : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे कूटनीतिक घटनाक्रमों के बीच अमेरिका और ईरान की बातचीत पर वैश्विक बाजारों की नजर है. एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि इस वार्ता के नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों के कारण बाजार में संवेदनशीलता और अस्थिरता बनी रह सकती है.
- ऑटो बिक्री और आर्थिक आंकड़े (PMI) : गाड़ियों की बिक्री (Auto Sales): 1 जून को मई महीने के वाहन क्षेत्र के बिक्री आंकड़े जारी होंगे, जिससे ऑटो सेक्टर में उपभोक्ता मांग की असल स्थिति का पता चलेगा.
पीएमआई (PMI) आंकड़े: सोमवार को मई महीने का अंतिम ‘एचएसबीसी विनिर्माण पीएमआई’ (मैन्युफैक्चरिंग डेटा) आएगा, जबकि बुधवार को सर्विस सेक्टर के पीएमआई आंकड़े जारी होंगे. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, ये आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआती तस्वीर पेश करेंगे.
- जीडीपी (GDP) और विदेशी मुद्रा भंडार : देश की जीडीपी विकास दर और विदेशी मुद्रा भंडार के ताजा आंकड़े भी इसी हफ्ते सामने आएंगे. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार और बाहरी आर्थिक मोर्चे पर देश की मजबूती का आकलन करने में निवेशकों को मदद मिलेगी.
- रुपये की चाल और विदेशी निवेश (FIIs) : डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव और भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) के पैसे निकालने या लगाने की रफ्तार पर भी बाजार का सेंटिमेंट निर्भर करेगा.
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