सुस्ती के साथ खुला शेयर बाजार; कच्चा तेल महंगा, सोना फिसला

Stock Market : मंगलवार सुबह शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत! पश्चिम एशिया में नए मिसाइल हमलों से बढ़ा तनाव, कच्चे तेल के दाम चढ़ने से निवेशकों में बढ़ी चिंता. जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का ताजा हाल और एक्सपर्ट्स की राय.

Stock Market : सोमवार को आई रिकॉर्ड तेजी के बाद मंगलवार सुबह भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त और मामूली गिरावट के साथ हुई. पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अचानक बढ़े नए भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) की वजह से बाजार में एक बार फिर ऊर्जा आधारित महंगाई (Energy Inflation) की चिंताएं लौट आई हैं, जिससे निवेशकों ने थोड़ा सतर्क रुख अपना लिया है.

मंगलवार सुबह शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (Sensex) 144.09 अंक (0.19%) गिरकर 76,344.87 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 27.60 अंक (0.11%) फिसलकर 24,004.10 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया.

क्यों बदला बाजार का मूड ?

सोमवार को जहां अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबरों से बाजार उछला था, वहीं मंगलवार को हालात थोड़े बदल गए. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर फार्स प्रांत के लामरद में एक स्पोर्ट्स हॉल पर मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया है. ईरान का दावा है कि इस हमले में बच्चों सहित 24 नागरिकों की मौत हो गई है और 130 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, “ईरानी ठिकानों पर नए अमेरिकी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में लंबे संघर्ष की आशंका फिर बढ़ गई है. इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें दोबारा चढ़ने लगी हैं और बाजार में सतर्कता का माहौल है.” हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है, लेकिन ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz), प्रतिबंधों में ढील और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर अब भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं.

कच्चे तेल, डॉलर और सोने का हाल

कच्चा तेल (Crude Oil): तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड के दाम 0.59% बढ़कर 97.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए.

  • डॉलर (US Dollar): तेल महंगा होने और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने डॉलर को सुरक्षित मानकर उसमें पैसा लगाया, जिससे डॉलर मजबूत हुआ.
  • सोना (Gold): पिछले सत्र की तेजी के बाद एशियाई बाजारों में सोने की कीमत 0.60% गिरकर 4,541.79 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.

कहां आई गिरावट, कौन संभला ?

बाजार खुलते ही ज्यादातर सेक्टर्स में बिकवाली (नुकसान) का रुख देखने को मिला.

  • निफ्टी ऑयल एंड गैस: 0.31% की गिरावट.
  • निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: 0.22% नीचे.
  • निफ्टी ऑटो: 0.14% टूटकर कारोबार कर रहा था.

बढ़त वाले सेक्टर्स

बाजार की गिरावट के विपरीत निफ्टी पीएसयू बैंक (सरकारी बैंक) 0.23% और निफ्टी फार्मा (दवा कंपनियां) 0.18% की मजबूती के साथ हरे निशान में टिके रहे.

अब आगे क्या? जानिए मार्केट एक्सपर्ट्स की राय

तकनीकी चार्ट के आधार पर शेयर बाजार के दिग्गजों का मानना है कि बाजार में अब भी मजबूती के संकेत बने हुए हैं.

श्रीकांत चौहान के मुताबिक “काफी समय बाद निफ्टी ने अपने 20-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (20-day SMA) को पार किया है और उसके ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है. अब ट्रेडर्स के लिए निफ्टी में 23,875 और सेंसेक्स में 76,000 का स्तर एक मुख्य सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा. अगर बाजार इसके ऊपर टिका रहता है, तो निफ्टी 24,200 से 24,400 के स्तर तक जा सकता है. लेकिन अगर यह सपोर्ट टूटा, तो तेजी कमजोर होगी और निफ्टी दोबारा 23,700-23,600 तक नीचे आ सकता है.”

राजेश पालवीया (रिसर्च हेड, एक्सिस डायरेक्ट) के मुताबिक “जब तक निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बना हुआ है, तब तक इसमें आने वाले दिनों में 24,150 से 24,350 तक जाने का दम है. बाजार के लिए तुरंत का सपोर्ट 23,850 पर है, जबकि सबसे मजबूत सपोर्ट 23,650 के पास देखा जा रहा है.” विशेषज्ञों का कहना है कि अब निवेशकों की नजर इस हफ्ते आने वाले अमेरिका के जीडीपी (GDP) और महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे.

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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