Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत, एफपीआई निकासी और वैश्विक अनिश्चितता का असर

Stock Market: वैश्विक बाजारों में धातुओं की कीमतों में गिरावट ने भी भारतीय बाजार के मनोबल को प्रभावित किया है. चांदी की कीमतों में दिसंबर महीने में 28 प्रतिशत की वृद्धि के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई.

Stock Market: मंगलवार को घरेलू प्रमुख शेयर सूचकांक धीमे अंदाज में खुले, क्योंकि बाजार में सकारात्मक ट्रिगर की कमी बनी हुई है. निफ्टी 50 ने 25,940.90 पर शुरुआत की जबकि बीएसई सेंसेक्स 84,600.99 के स्तर पर खुला, जो 94.55 अंकों या 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाता है. मजबूत घरेलू मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों के बावजूद, निवेशक सतर्क बने हुए हैं. एफपीआई के निरंतर निकासी, मासिक इंडेक्स एक्सपायरी और मिश्रित वैश्विक संकेतों के कारण बाजार एक सीमित दायरे में ही रहेगी, जिसमें नकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है.

वैश्विक बाजारों और कीमती धातुओं का प्रभाव

वैश्विक बाजारों में धातुओं की कीमतों में गिरावट ने भी भारतीय बाजार के मनोबल को प्रभावित किया है. चांदी की कीमतों में दिसंबर महीने में 28 प्रतिशत की वृद्धि के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आई. वहीं, सोना भी दिसंबर में 2 प्रतिशत से अधिक और पूरे 2025 में 65 प्रतिशत से ऊपर चढ़ने के बाद बिकवाली के दबाव में आया. इसके अतिरिक्त, यूएस-वेनेजुएला तनाव, यूक्रेन-रूस संघर्ष और इज़राइल-यूएस-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे जोखिम उठाने की प्रवृत्ति कमजोर पड़ रही है.

तकनीकी विश्लेषण और बाजार की संभावना

एन्क्रिच मनी के सीईओ पोन्मुदी आर ने बताया कि निफ्टी 50 ने दैनिक चार्ट पर कम उच्च और कम निम्न स्तर बनाते हुए अल्पकालिक कमजोरी का संकेत दिया है. 25,900-25,800 का क्षेत्र समर्थन के लिए महत्वपूर्ण है, जो 50-दिन के EMA, हाल के मासिक निचले स्तर और 38.2 प्रतिशत फिबोनैचि रिट्रेसमेंट के साथ मेल खाता है.

इस स्तर के ऊपर स्थिरता से निकट भविष्य में बाजार में सुधार की उम्मीद की जा सकती है. वहीं, 26,100-26,150 का क्षेत्र प्रतिरोध के रूप में कार्य करता है, और यदि यह पार हो जाता है तो बाजार 26,300-26,500 के करीब पहुंच सकता है. लेकिन यदि 25,900 का स्तर खुलते समय टूट गया, तो निफ्टी 25,800-25,700 तक गिर सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कम वॉल्यूम, वैश्विक अनिश्चितता और डेरिवेटिव एक्सपायरी के कारण निकट भविष्य में भारतीय बाजार में स्थिरता और धीमी चाल बनी रहेगी.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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