Share Market : घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का दौर बुधवार को भी जारी रहा. पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक संकट और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा बाजार से लगातार पैसा निकाले जाने के कारण दोनों मुख्य सूचकांक लगातार दूसरे दिन लाल निशान पर बंद हुए. बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sectors) के बड़े शेयरों में आई बिकवाली ने आज बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया.
आज के बाजार का पूरा हाल (27 मई, 2026)
| इंडेक्स | बंद होने का स्तर | गिरावट (अंकों में) | प्रतिशत बदलाव | दिनभर का उतार-चढ़ाव |
| BSE सेंसेक्स | 75,867.80 | -141.90 अंक | 0.19% | 476.47 अंकों का उतार-चढ़ाव |
| NSE निफ्टी | 23,907.15 | -6.55 अंक | 0.03% (मामूली) | — |
सेंसेक्स के 20 शेयर हरे निशान पर
आज बाजार भले ही गिरकर बंद हुआ हो, लेकिन सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 20 कंपनियां बढ़त के साथ (हरे निशान पर) बंद हुईं, जबकि सिर्फ 10 दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई. इन 10 बड़े शेयरों में भारी बिकवाली होने के कारण ही सूचकांक नीचे आ गया.
भारी गिरावट वाले मुख्य शेयर्स (Top Losers)
- एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)
- आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)
- रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries)
- इन्फोसिस (Infosys)
- आईटीसी (ITC)
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
लाभ कमाने वाले मुख्य शेयर्स (Top Gainers)
- पावर ग्रिड (Power Grid)
- एनटीपीसी (NTPC)
- टाटा स्टील (Tata Steel)
- इटर्नल (Eternal)
बाजार में सुस्ती के मुख्य कारण
‘इंतजार करो और देखो’ की नीति: ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी ‘एनरिच मनी’ के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ (प्रतीक्षा करो और देखो) का रुख अपना रखा है. जब तक वहां के हालात पूरी तरह साफ नहीं हो जाते, तब तक बड़े निवेशक बाजार में नया जोखिम लेने से बच रहे हैं.
आक्रामक बिकवाली पर लगी रोक: हालांकि, एक अच्छी बात यह रही कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार डिप्लोमैटिक (राजनयिक) बातचीत होने के संकेत मिल रहे हैं. इस सकारात्मक खबर ने बाजार के सेंटिमेंट को बहुत ज्यादा बिगड़ने से बचा लिया और भारी बिकवाली के दबाव को सीमित रखा.
कच्चे तेल में थोड़ी नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में वैश्विक तेल मानक ‘ब्रेंट क्रूड’ आज 3.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.35 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में आई इस मामूली कमी ने भी बाजार को बहुत बड़ी गिरावट से संभालने का काम किया.
विदेशी निवेशकों (FIIs) की बड़ी निकासी: बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय बाजार से 2,407.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे. विदेशी पूंजी की इस बड़ी निकासी ने बाजार के मूड पर ब्रेक लगा दिया.
