Share Market : ईरान पर अमेरिकी हमले की खबर से सेंसेक्स 479 अंक टूटा, कच्चा तेल $99 के करीब पहुंचा

Share Market : शेयर बाजार में आज भारी उतार-चढ़ाव! ईरान पर अमेरिकी हमले की खबर से सेंसेक्स 479 अंक और निफ्टी 118 अंक टूटा. जानिए बाजार गिरने की असली वजह और टॉप शेयरों का हाल.

Share Market : सोमवार को बाजार में आई शानदार तेजी के बाद, मंगलवार (26 मई) को घरेलू शेयर बाजार एक बार फिर दबाव में आ गया. दिनभर चले भारी उतार-चढ़ाव के बाद दोनों मुख्य सूचकांक (सेंसेक्स और निफ्टी) लाल निशान पर बंद हुए.

बाजार में इस अचानक आई गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) से आई एक परेशान करने वाली खबर है, जिसके बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एकाएक बड़ा उछाल आ गया.

शेयरों का हाल: कौन से डूबे, कौन से उबरे?

आज के कारोबार में दिग्गज कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला.

गिरने वाले मुख्य शेयर्स (Top Losers)

  • भारती एयरटेल (Bharti Airtel)
  • ट्रेंट (Trent)
  • टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)
  • बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)
  • टाइटन (Titan)
  • एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)

बढ़त बनाने वाले मुख्य शेयर्स (Top Gainers)

  • टेक महिंद्रा (Tech Mahindra)
  • इटर्नल (Eternal)
  • मारुति (Maruti)
  • अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports)

बाजार गिरने के 3 मुख्य कारण

ईरान पर अमेरिकी हमला और कच्चे तेल में उबाल: खबरों के मुताबिक, दक्षिण ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई (हमले) की रिपोर्ट सामने आई है. इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ‘ब्रेंट क्रूड’ (कच्चा तेल) 2.93% की भारी तेजी के साथ 98.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. तेल महंगा होने से ऊर्जा आपूर्ति ठप होने का डर बढ़ गया है.

भारत के लिए ‘इंपोर्टेड महंगाई’ का खतरा: लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के. के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है (आयात करता है). कच्चा तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने, रुपये पर दबाव आने और राजकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा तुरंत पैदा हो जाता है. इसी डर से घरेलू निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी.

शांति समझौते में देरी की आशंका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की बातचीत अच्छी चल रही है. लेकिन अधिकारियों के अनुसार, ईरान के जटिल संचार नेटवर्क के कारण अंतिम फैसले में वक्त लग सकता है. अचानक हुए हमले ने इस समझौते की उम्मीदों को थोड़ा कमजोर कर दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में निवेशकों ने जोखिम लेने से तौबा कर ली.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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