Share Market : सोमवार को बाजार में आई शानदार तेजी के बाद, मंगलवार (26 मई) को घरेलू शेयर बाजार एक बार फिर दबाव में आ गया. दिनभर चले भारी उतार-चढ़ाव के बाद दोनों मुख्य सूचकांक (सेंसेक्स और निफ्टी) लाल निशान पर बंद हुए.
बाजार में इस अचानक आई गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) से आई एक परेशान करने वाली खबर है, जिसके बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एकाएक बड़ा उछाल आ गया.
शेयरों का हाल: कौन से डूबे, कौन से उबरे?
आज के कारोबार में दिग्गज कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला.
गिरने वाले मुख्य शेयर्स (Top Losers)
- भारती एयरटेल (Bharti Airtel)
- ट्रेंट (Trent)
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)
- बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance)
- टाइटन (Titan)
- एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)
बढ़त बनाने वाले मुख्य शेयर्स (Top Gainers)
- टेक महिंद्रा (Tech Mahindra)
- इटर्नल (Eternal)
- मारुति (Maruti)
- अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports)
बाजार गिरने के 3 मुख्य कारण
ईरान पर अमेरिकी हमला और कच्चे तेल में उबाल: खबरों के मुताबिक, दक्षिण ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई (हमले) की रिपोर्ट सामने आई है. इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ‘ब्रेंट क्रूड’ (कच्चा तेल) 2.93% की भारी तेजी के साथ 98.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. तेल महंगा होने से ऊर्जा आपूर्ति ठप होने का डर बढ़ गया है.
भारत के लिए ‘इंपोर्टेड महंगाई’ का खतरा: लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के. के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है (आयात करता है). कच्चा तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने, रुपये पर दबाव आने और राजकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा तुरंत पैदा हो जाता है. इसी डर से घरेलू निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी.
शांति समझौते में देरी की आशंका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की बातचीत अच्छी चल रही है. लेकिन अधिकारियों के अनुसार, ईरान के जटिल संचार नेटवर्क के कारण अंतिम फैसले में वक्त लग सकता है. अचानक हुए हमले ने इस समझौते की उम्मीदों को थोड़ा कमजोर कर दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में निवेशकों ने जोखिम लेने से तौबा कर ली.
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