सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई. हालांकि कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद बाजार ने रिकवरी दिखाई और दोनों प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में पहुंच गए. बाजार को सबसे बड़ा सहारा कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से मिला. वहीं एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निवेशकों का रुख अब भी थोड़ा सतर्क बना हुआ है.
सुबह कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 34.69 अंक गिरकर 76,801.09 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में 3.55 अंक फिसलकर 23,992.40 पर पहुंच गया. बाद में दोनों इंडेक्स में खरीदारी देखने को मिली और बाजार संभल गया.
कच्चे तेल की गिरावट क्यों बनी राहत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भारतीय बाजार के लिए अच्छी खबर है.
- ब्रेंट क्रूड 0.84% गिरकर 87.20 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
- WTI क्रूड 0.63% टूटकर 81.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
- सोने की कीमत भी 0.59% घटकर 4,048.75 डॉलर रही.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, ब्रेंट क्रूड का करीब 87 डॉलर तक आना बाजार की बुनियाद और निवेशकों के भरोसे दोनों के लिए सकारात्मक है. उन्होंने कहा कि मॉनसून की स्थिति में सुधार, जून तिमाही के बेहतर नतीजे, करीब 18% की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और ऑटो सेक्टर में अच्छी बिक्री भी बाजार को सहारा दे रही है.
एशियाई बाजारों का क्या रहा असर?
घरेलू बाजार में रिकवरी जरूर दिखी, लेकिन एशिया के अधिकांश बाजारों में कमजोरी रही.
| बाजार | स्थिति |
| जापान निक्केई 225 | -3.89% |
| दक्षिण कोरिया KOSPI | -10.19% |
| ताइवान वेटेड | -4.29% |
| GIFT निफ्टी | -0.14% |
| हैंग सेंग | +0.02% |
इसी वजह से निवेशकों में पूरी तरह भरोसा अभी नहीं दिख रहा है.
आगे बाजार के लिए कौन-से स्तर अहम हैं?
पीएल कैपिटल के विक्रम कसात का कहना है कि तेल की कीमतों में गिरावट बाजार के लिए अच्छी है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े चिप सेक्टर की कमजोरी अभी भी ग्लोबल बाजार पर दबाव बना रही है. उन्होंने निफ्टी के लिए 23,830 को अहम सपोर्ट और 24,230 को प्रमुख रेजिस्टेंस बताया है.
वहीं कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक रिकवरी जारी रह सकती है. अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में फिर बिकवाली बढ़ सकती है और निफ्टी 23,700-23,600 तक फिसल सकता है. ऐसे में उन्होंने निवेशकों को कमजोर शेयरों में मुनाफावसूली करने और मजबूत शेयरों में गिरावट आने पर चुनिंदा खरीदारी की सलाह दी है.
आने वाले कारोबार में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, ग्लोबल बाजारों के संकेतों और कंपनियों के जून तिमाही नतीजों पर रहेगी. यही तय करेंगे कि बाजार की मौजूदा रिकवरी आगे कितनी मजबूत रहती है.
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