उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 62 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ सेंसेक्स, RIL में तीन फीसदी की उछाल

कोरोनावायरस का भारत समेत दुनिया में बढ़ते मामलों से वैश्विक बाजार समेत भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों में घबराहट का माहौल व्याप्त है. बुधवार को कारोबार की शुरुआत में बाजार निवेशकों की घबराहट की वजह से लाल निशान के साथ शुरू हुआ, लेकिन शाम तक बाजार बंद होते-होते उसमें सुधार देखा गया और बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 62 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ.

मुंबई : शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 62 अंक लाभ में बंद हुआ. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते बाजार भी आशंकाओं की गिरफ्त में है. कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 386 अंक तक चढ़ गया. अंत में यह 62.45 अंक या 0.18 फीसदी की तेजी के साथ 35,697.40 पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एनएसई निफ्टी 6.95 अंक या 0.07 फीसदी की तेजी के साथ 10,458.40 पर बंद हुआ.

सेंसेक्स में हीरो मोटोकॉर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एलएंडटी लाभ में रहे. टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, ओएनजीसी, एसबीआई और इंफोसिस में गिरावट दर्ज की गयी. कारोबारियों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी और विदेश से मिले-जुले रुझानों के चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ गयी थी ओर बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी.

भारत में कोरोना वायरस के पुष्ट हो चुके मामले बढ़कर 60 हो गये हैं. कोरोना वायरस दुनिया भर में एक महामारी का रूप ले चुका है और इससे 4,000 से ज्यादा लोग मर चुके हैं, जबकि 1.20 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. शंघाई, हांगकांग, सियोल और टोक्यो में शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए, जबकि यूरोप में शुरुआती कारोबार के दौरान दो प्रतिशत की तेजी देखने को मिली.

इस बीच, सऊदी अरब ने कच्चे तेल के उत्पादन में प्रतिदिन 10 लाख बैरल की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया. इसके बाद वायदा बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 2.02 फीसदी फिसलकर 36.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. हालांकि, भारतीय रुपये की विनिमय दर 46 पैसे मजबूत हो कर 73.70 रुपये प्रति डॉलर हो गयी.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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