शेयर बाजार निवेशकों को राहत, नॉमिनेशन की प्रक्रिया सरल बनाने की तैयारी में SEBI

SEBI Nomination Framework: शेयर बाजार निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. SEBI ने अब नॉमिनेशन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने का प्रस्ताव दिया है. जानिए निवेश से जुड़े इन नए होने वाले बदलावों के बारे में.

SEBI Nomination Framework: अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं या म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. बाजार नियामक SEBI (सेबी) ने डीमैट खातों और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनेशन की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों के लिए अकाउंट खोलना आसान बनाना और भविष्य में लावारिस पड़े रहने वाले पैसों (Unclaimed Assets) को कम करना है.

क्या अब नॉमिनेशन करना आसान हो जाएगा?

जी हां, अब आपको नॉमिनेशन के लिए लंबी-चौड़ी जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी. सेबी ने सुझाव दिया है कि निवेशक को अब केवल दो मुख्य बातें बतानी होंगी: नॉमिनी का नाम और उसके साथ आपका रिश्ता. बाकी जानकारियां जैसे पता, फोन नंबर और हिस्सेदारी (Percentage Share) देना अब ऑप्शनल होगा. इससे नया अकाउंट खोलते समय होने वाली कागजी माथापच्ची काफी कम हो जाएगी.

क्या नॉमिनी चुनना अनिवार्य होगा?

नए नियमों के अनुसार, सिंगल अकाउंट रखने वाले सभी नए निवेशकों के लिए नॉमिनेशन को डिफॉल्ट ऑप्शन बनाया जाएगा. यानी सिस्टम मानकर चलेगा कि आप नॉमिनी जोड़ना चाहते हैं. अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं बनाना चाहता, तो उसे एक साधारण डिजिटल डिक्लेरेशन के जरिए ऑप्ट-आउट (बाहर होने) का ऑप्शन चुनना होगा. जॉइंट अकाउंट के लिए यह नियम अभी ऑप्शनल ही रहेगा.

क्या नॉमिनी आपके जीते-जी अकाउंट चला पाएगा?

सेबी ने स्पष्ट किया है कि निवेशक के जीवित रहते नॉमिनी को अकाउंट ऑपरेट करने का कोई अधिकार नहीं होगा. पहले निवेशक के डिसेबल्ड होने पर नॉमिनी को अधिकार देने की बात चली थी, लेकिन अब उसे हटा दिया गया है. ऐसे मामलों के लिए निवेशकों को पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) का रास्ता अपनाना होगा. याद रखें, नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी होता है, वह कानूनी वारिसों की जगह मालिकाना हक नहीं पा सकता.

अधिकतम कितने नॉमिनी रख सकते हैं?

बैंकिंग नियमों के साथ तालमेल बिठाते हुए, सेबी ने अब नॉमिनी की संख्या को अधिकतम 4 तक सीमित करने का प्रस्ताव दिया है. अगर आप यह तय नहीं करते कि किस नॉमिनी को कितना हिस्सा मिलेगा, तो निवेशक की मृत्यु के बाद संपत्ति सभी चारों नॉमिनी में बराबर-बराबर बांट दी जाएगी.

सेबी ने इन प्रस्तावों पर 7 अप्रैल 2026 तक जनता से राय मांगी है. इन बदलावों से न केवल निवेश की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि आम आदमी के लिए शेयर बाजार से जुड़ना और भी सुरक्षित हो जाएगा.

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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