X और व्हाट्सएप पर चल रहा था 'पंप एंड डंप' का खेल, SEBI ने एक ही झटके में जब्त किए ₹20.25 करोड़!

SEBI Finfluencer Scam: सेबी ने सोशल मीडिया पर 'पंप एंड डंप' गेम चलाकर रिटेल इन्वेस्टर्स को ठगने वाले मुंबई के एक ही परिवार के 7 लोगों पर बैन लगाया और 20.25 करोड़ रुपये जब्त किए.

SEBI Finfluencer Scam: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने सोशल मीडिया के जरिए आम इन्वेस्टर्स को चूना लगाने वाले ‘फिनफ्लुएंसर्स’ पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. मुंबई के एक ही परिवार के 7 लोगों पर आरोप है कि उन्होंने X (ट्विटर), टेलीग्राम और वॉट्सऐप का इस्तेमाल करके शेयर की कीमतें बढ़ाईं और खुद भारी मुनाफा कमाकर आम इन्वेस्टर्स को बड़े घाटे में छोड़ दिया. 

क्या है यह पूरा मामला?

सेबी के 234 पन्नों के अंतरिम आदेश के मुताबिक, हेमंत गुप्ता और उनके बेटों (रोहन और अनिकेट गुप्ता) समेत परिवार के 7 सदस्यों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची. इस ग्रुप ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच मुख्य रूप से कम लिक्विडिटी वाले 82 SME (छोटे) शेयरों को अपना निशाना बनाया. इन्होंने पहले इन कंपनियों के शेयर खुद सस्ते में खरीदे और फिर सोशल मीडिया पर फर्जी माहौल बनाना शुरू किया. 

कैसे जाल में फंसते थे आम इन्वेस्टर्स?

यह परिवार ‘@WealthSolitaire’ और ‘@desiwallstreet’ जैसे सोशल मीडिया हैंडल्स चलाता था, जिन पर 54,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे. इसके अलावा इनके पास 50 से अधिक व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप थे, जिनमें करीब 80,000 मेंबर्स जुड़े थे. इन ग्रुप्स में ‘मल्टीबैगर रिटर्न’ और ‘रिकॉर्ड तोड़ कमाई’ जैसे दावों के साथ झूठी खबरें फैलाई जाती थीं. जैसे ही टिप्स देखकर आम रिटेल इन्वेस्टर शेयर खरीदने टूट पड़ते और कीमत ऊपर (अपर सर्किट पर) पहुंच जाती, यह परिवार अपने सारे शेयर बेचकर बाहर निकल जाता. इस जालसाजी को बाजार की भाषा में ‘पम्प एंड डंप’ कहा जाता है. 

यहां देखें इस खबर से जुड़ी SEBI की ऑफिशियल एक्स पोस्ट:

सेबी को कैसे मिला इसका सबूत?

जनवरी 2026 में सेबी द्वारा की गई छापेमारी में इस परिवार के पर्सनल व्हाट्सएप चैट बरामद हुए. इन चैट्स से खुलासा हुआ कि आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सीधे ‘बाय या सेल’ की सलाह देने से बच रहे थे, लेकिन बैकस्टेज से पूरा खेल कंट्रोल कर रहे थे. एक चैट में हेमंत ने अपने बेटे को ट्वीट करने को कहा ताकि शेयर लगातार कई दिनों तक अपर सर्किट छुए. जांच में सामने आया कि इस दौरान आरोपियों का ट्रेडिंग टर्नओवर 548 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,023 करोड़ रुपये हो गया और उनका कुल मुनाफा 58.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें से 20.25 करोड़ रुपये पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से कमाए गए थे. 

अब आरोपियों पर क्या एक्शन हुआ?

सेबी ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस ग्रुप की 20.25 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को जब्त (इंपाउंड) कर लिया है. साथ ही उनके बैंक खातों और प्रॉपर्टीज को फ्रीज कर दिया गया है. हेमंत, रोहन और अनिकेट गुप्ता बिना रजिस्ट्रेशन के स्टॉक टिप्स दे रहे थे, जो रिसर्च एनालिस्ट नियमों का सीधा उल्लंघन है. सेबी ने इन सभी सात नोटिसियों के शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. बाजार नियामक ने इन्वेस्टर्स को चेतावनी दी है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे अनवेरिफाइड दावों और टिप्स से पूरी तरह सावधान रहें. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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