Sanjeevani Scheme Vs Ayushman Scheme: केजरीवाल की ‘संजीवनी’ और मोदी की ‘आयुष्मान’ में क्या है अंतर? जानें दोनों योजनाओं की खासियत

Sanjeevani Scheme Vs Ayushman Scheme: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बुजुर्गों के लिए नई योजना का ऐलान किया है.

Sanjeevani Scheme Vs Ayushman Scheme: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बुजुर्गों के लिए नई योजना का ऐलान किया है. उन्होंने ‘संजीवनी योजना’ के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा देने का वादा किया है. आइए समझते हैं कि यह योजना केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से कैसे अलग है.

Sanjeevani Scheme हर आय वर्ग के लिए मुफ्त इलाज

दिल्ली सरकार की संजीवनी योजना के तहत 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. इसमें मरीज के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी.खास बात यह है कि इस योजना का लाभ हर आय वर्ग के बुजुर्गों को मिलेगा, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो. इसके लिए आम आदमी पार्टी घर-घर जाकर पंजीकरण अभियान चलाएगी.

Ayushman भारत योजना: राष्ट्रीय स्तर पर कवरेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए है. इस योजना में योग्य परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है. इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों सहित 30,000 से अधिक अस्पताल शामिल हैं. पंजीकरण के लिए लाभार्थी आयुष्मान पोर्टल या ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Sanjeevani Scheme Vs Ayushman Scheme

पात्रता:

संजीवनी योजना: 60 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्ग (आय वर्ग की कोई सीमा नहीं)

आयुष्मान योजना: गरीब और वंचित वर्ग के लोग, आयु सीमा 70 वर्ष

कवरेज:

संजीवनी: केवल दिल्ली में लागू

आयुष्मान: देशभर में लागू, 5 लाख रुपये तक का बीमा

पंजीकरण प्रक्रिया:

संजीवनी: AAP कार्यकर्ता घर-घर जाकर पंजीकरण करेंगे

आयुष्मान: ऑनलाइन पंजीकरण और अस्पतालों में हेल्प डेस्क उपलब्ध

क्या दोनों योजनाओं का लाभ साथ में लिया जा सकता है?

दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ नहीं लिया जा सकता. लाभार्थी को अपनी पात्रता के अनुसार किसी एक योजना का चयन करना होगा.

आयुष्मान भारत योजना दिल्ली की संजीविनी योजना
70 साल से ज्यादा तक लोगों तक का मुफ़्त इलाज 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मुफ़्त इलाज
5 लाख रु तक का मुफ़्त इलाज सारा खर्च सरकार देगी- केजरीवाल
ऑनलाइन पंजीकरण और अस्पतालों में हेल्प डेस्क पर उपलब्धAAP कार्यकर्ता घर-घर जाकर पंजीकरण करेंगे
दिल्ली , पश्चिम बंगाल के अलावा सभी राज्यों में लागू केवल दिल्ली मे लागू

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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