Samsung Electronics Share: सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में हड़कंप मच गया. शुरुआती कारोबार में ही सैमसंग के शेयर 5% से ज्यादा टूट गए. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है.
आखिर क्यों गिरे सैमसंग के शेयर?
बाजार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता जीयो-पोलिटिकल टेंशन है. निवेशकों को डर है कि अगर जंग बढ़ी तो सप्लाई चेन प्रभावित होगी और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. इससे महंगाई बढ़ेगी और ब्याज दरों में भी कटौती की उम्मीदें कम हो जाएंगी. यही कारण है कि दिग्गज चिप मेकर कंपनी एसके हाइनिक्स (SK hynix) के शेयर भी 5.76% तक नीचे गिर गए.
अमेरिका और ईरान की तनातनी का क्या असर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी ने आग में घी डालने का काम किया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने 48 घंटों के भीतर ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) का रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका उसके बुनियादी ढांचे को तबाह कर देगा. इस बयान के बाद निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी. विदेशी और संस्थागत निवेशकों ने मिलकर करीब 1 लाख करोड़ वॉन से ज्यादा के शेयर बेच डाले, जबकि आम छोटे निवेशक खरीदारी करते दिखे.
क्या सभी कंपनियों को नुकसान हुआ?
हैरानी की बात यह है कि जहां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स गिर रहा था, वहीं उसकी ही ग्रुप कंपनी सैमसंग ई एंड ए (Samsung E&A) (पुराना नाम सैमसंग इंजीनियरिंग) के शेयरों में 7.5% का उछाल देखा गया. इसकी वजह कंपनी का नया ‘वैल्यू एनहांसमेंट प्लान’ है, जिसके तहत उन्होंने डिविडेंड (मुनाफे का हिस्सा) बढ़ाने का वादा किया है. साथ ही, कंपनी को हाल ही में 2.4 अरब डॉलर का एक बड़ा विदेशी प्रोजेक्ट भी मिला है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
आगे क्या उम्मीद की जाए?
सेमीकंडक्टर जैसे ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टर के लिए बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतें अच्छी नहीं मानी जातीं. जब तक मिडिल ईस्ट के हालात शांत नहीं होते, बाजार में ऐसी ही अस्थिरता बनी रह सकती है.
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