Success Story : अगर कोई आपसे कहे कि साल का 30 लाख रुपये का पैकेज छोड़ दो और समोसे की दुकान खोल लो, तो आप शायद उसे पागल ही कहेंगे. लेकिन कुछ लोगों के सिर पर कामयाबी का ऐसा भूत सवार होता है कि वो दुनिया की परवाह नहीं करते.
ऐसी ही मजेदार और जूनून से भरी कहानी है निधि सिंह और उनके पति शिखर वीर सिंह की. दोनों ने अपनी शानदार कॉर्पोरेट नौकरियां छोड़ दीं और आज ‘समोसा सिंह’ (Samosa Singh) ब्रैंड के जरिए हर दिन करीब 12 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं! आइए जानते हैं कि यह सब कैसे मुमकिन हुआ.
पढ़ाई में अव्वल, नौकरियां भी थीं एकदम कड़क
निधि और शिखर की लव स्टोरी और बिजनेस पार्टनरशिप हरियाणा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू हुई, जहां दोनों ने बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक (B.Tech) किया. इसके बाद निधि सिंह ने गुरुग्राम में एक कॉर्पोरेट हाउस में काम करना शुरू किया, जहाँ उनका पैकेज ₹30 लाख सालाना तक पहुंच गया था.
शिखर वीर सिंह ने आगे एमटेक (M.Tech) किया और बेंगलुरु की मशहूर कंपनी बायोकॉन (Biocon) में प्रिंसिपल साइंटिस्ट बन गए. लाइफ एकदम सेट थी, लेकिन शिखर के दिमाग में कॉलेज के दिनों से ही समोसे बेचने का मन था. वो तो निधि ने उन्हें समझा-बुझाकर साइंटिस्ट बनने की राह पर बनाए रखा था.
वो एक रोता हुआ बच्चा और बदल गई जिंदगी
कहते हैं कि बिजनेस का आइडिया कभी भी आ सकता है. एक दिन निधि ने एक फूड कोर्ट में एक छोटे बच्चे को समोसे के लिए रोते हुए देखा. बस, वहीं निधि के दिमाग की बत्ती जली! उन्हें समझ आ गया कि भारत में समोसे से बड़ा और लोकप्रिय स्नैक कोई दूसरा नहीं है. इसके बाद साल 2015 में दोनों ने अपनी लाखों की नौकरियां छोड़ दीं और बेंगलुरु जाकर 2016 में अपनी जमा-पूंजी से ‘समोसा सिंह’ की शुरुआत की.
सिर्फ एक दिन रहे और बेच दिया ₹80 लाख का घर
शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन जल्द ही कंपनी को एक बहुत बड़े ऑर्डर को पूरा करने के लिए एक बड़ी और हाईटेक किचन की जरूरत पड़ी. हाथ में पैसे कम थे, तो इस कपल ने एक ऐसा रिस्क लिया जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. उन्होंने बेंगलुरु के यलहंका में अपना नया अपार्टमेंट सिर्फ ₹80 लाख में बेच दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि इस घर में वो सिर्फ एक ही रात रह पाए थे और अगले दिन इसे बेचना पड़ा. इस पैसे से उन्होंने बेंगलुरु में किराए पर एक बड़ी फैक्ट्री ली.
रोज 30 हजार समोसे और ₹45 करोड़ का टर्नओवर
घर बेचने का वो रिस्क पूरी तरह रंग लाया. आज ‘समोसा सिंह’ कोई छोटी-मोटी दुकान नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा ब्रैंड बन चुका है. अब यह जोड़ी हर दिन करीब 30,000 समोसे बेचती है. इनकी रोजाना की कमाई लगभग ₹12 लाख तक पहुंच चुकी है. कंपनी का सालाना टर्नओवर अब करीब ₹45 करोड़ का है.
क्यों दीवाने हैं लोग इनके समोसे के?
शिखर ने अपनी साइंटिस्ट वाली बुद्धि समोसे के आटे (Dough) पर लगाई. इनका समोसा इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बहुत कम तेल सोखता है और खाने के बाद हाथ में तेल बिल्कुल नहीं लगता. साथ ही, यहां पारंपरिक आलू समोसे के अलावा चिकन मखनी, कड़ाही पनीर और चॉकलेट फ्लेवर के समोसे भी मिलते हैं, जिनपर बकायदा ‘Samosa Singh’ का नाम छपा होता है.
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