अब 10 लाख रुपये तक के क्लेम के लिए दोबारा करें आवेदन; जानें री-सबमिशन की पूरी प्रक्रिया

Sahara Refund: सहारा निवेशकों के लिए सरकार ने री-सबमिशन पोर्टल शुरू किया है, जिसके तहत अब अधिकतम 10 लाख रुपये तक के रिफंड के लिए दोबारा आवेदन किया जा सकता है. जिन निवेशकों का भुगतान 45 दिन बाद भी नहीं आया या जिनका फॉर्म रिजेक्ट हो गया था, वे अब त्रुटियां सुधार कर नया फॉर्म भर सकते हैं.

Sahara Refund: सहारा रिफंड अपडेट: CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर उन निवेशकों के लिए ‘री-सबमिशन’ का विकल्प लाइव हो गया है, जिन्हें पहले ‘कमी’ (Deficiency) का मैसेज मिला था. अब आप अपनी गलतियों को सुधारकर फिर से दावा पेश कर सकते हैं. सफल आवेदन के बाद, सरकार 45 कार्य दिवसों के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करेगी.

री-सबमिशन (Resubmission) कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

यदि आपके क्लेम में कमी बताई गई थी, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  • आधिकारिक लिंक: सबसे पहले सहारा री-सबमिशन पोर्टल पर जाएं.
  • लॉगिन: अपना क्लेम रिक्वेस्ट नंबर (CRN) और कैप्चा कोड भरकर वैलिडेट करें.
  • त्रुटि सुधारें: पोर्टल पर बताई गई कमियों के अनुसार सही दस्तावेज अपलोड करें या गलत जानकारी को अपडेट करें.
  • सबमिट करें: सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म को दोबारा सबमिट करें.
  • प्रोसेसिंग समय: आवेदन के 30 दिनों के भीतर जांच होगी और उसके बाद अगले 15 दिनों में भुगतान का निर्णय लिया जाएगा.

सहारा रिफंड की नई व्यवस्था: क्या बदला है?

  • क्लेम की सीमा: अब निवेशक 10 लाख रुपये तक के कुल क्लेम के लिए री-सबमिशन कर सकते हैं. इससे पहले केवल छोटे अमाउंट वाले निवेशकों को ही यह मौका मिल रहा था.
  • पुराना भुगतान: जिन निवेशकों के दस्तावेज सही थे, उन्हें पहले ही प्रति आवेदन ₹50,000 तक की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जा चुकी है.
  • सुप्रीम कोर्ट का आदेश: यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहारा-सेबी रिफंड खाते से ₹5,000 करोड़ केंद्रीय रजिस्ट्रार (CRCS) को ट्रांसफर करने के आदेश के बाद शुरू हुई है.

Also Read: सेंसेक्स 77,000 के पार, निफ्टी में 134 अंकों की बढ़त; बैंकिंग और आईटी शेयरों में चमक

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >