Retail Inflation: मोदी सरकार के लिए आर्थिक क्षेत्र से अच्छी खबर है. नये साल के पहले महीने यानी जनवरी 2024 में खुदरा महंगाई दर में गिरावट आयी है. महंगाई दर जनवरी में घटकर 5.10 फीसदी पर आ गई है. दरअसल देश में खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में कम होकर 5.1 फीसदी हो गई है. यह इसका तीन महीने का सबसे निचला स्तर है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2023 में 5.69 फीसदी पर थी. वहीं जनवरी 2023 में यह 6.52 के स्तर पर थी.
खुदरा मुद्रास्फीति को चार फीसदी रखने का RBI को मिला है टारगेट
गौरतलब है कि साल 2023 के अगस्त में मुद्रास्फीति की दर सर्वाधिक 6.83 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक खाद्य वस्तुओं की वृद्धि दर इस साल जनवरी में 8.3 फीसदी रही जो इससे पिछले महीने के 9.53 प्रतिशत से कम है. बता दें, भारतीय रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है.
सस्ती हुईं खाने-पीने की चीजें
नये साल के पहले ही महीने में मुद्रास्फीति में आई कमी का कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई कमी को माना जा रहा है. दरअसल सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कि खुदरा महंगाई 2 प्रतिशत की घटी और बढ़ी के साथ 4 फीसदी पर बनी रहे. वहीं, बीते महीने यानी जनवरी में सब्जियों की कीमतों में 4.2 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कुल मिलाकर कहा जाये तो खाने पीने की चीजों के दाम में दिसंबर 2023 में 9.53 फीसदी की तुलना में जनवरी 2021 में 8.30 फीसदी रही.
एनएसओ ने जारी किये आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और जनवरी 2024 के महीने के लिए ग्रामीण, शहरी और संयुक्त क्षेत्र के लिए संबंधित उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) जारी किया. एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2024 में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 5.10 फीसदी हो गई.
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