Republic Day 2023: Google ने Doodle बनाकर हैंड-कट पेपर कला को किया प्रदर्शित, ऐसे दी शुभकामनाएं

Google ‘डूडल’ में राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, नॉर्थ ब्लॉक व साउथ ब्लॉक जैसे ऐतिहासिक भवन के साथ-साथ गणतंत्र दिवस परेड को दिखाने के लिए सेना की टुकड़ी और मोटरसाइकिल पर करतब करते जवान दिखाए गए हैं.

सर्च इंजन ‘गूगल’ ने भारत के 74वें गणतंत्र दिवस पर ‘हैंड-कट पेपर’ (हाथ से कागज पर बनाए गए चित्र) कला को प्रदर्शित करने वाला एक नायाब ‘डूडल’ बना कर देश को शुभकामनाएं दी.

गूगल ने डूडल में परेड को भी दिखाया

इस ‘डूडल’ में राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, नॉर्थ ब्लॉक व साउथ ब्लॉक जैसे ऐतिहासिक भवन के साथ-साथ गणतंत्र दिवस परेड को दिखाने के लिए सेना की टुकड़ी और मोटरसाइकिल पर करतब करते जवान दिखाए गए हैं.

गूगल ने डूडल बनाकर ‘हैंड-कट पेपर’ कला को प्रदर्शित किया

‘हैंड-कट पेपर’ कला को प्रदर्शित करने वाले ‘डूडल’ के आगे गूगल के अंग्रेजी हिज्जे ‘जी’,‘ओ’,‘जी’,‘एल’ और ‘ई’ को अंग्रेजी की छोटी वर्णमाला में लिखा गया है. वहीं राष्ट्रपति भवन के गुम्बद के ऊपर एक वृत्त सांकेतिक रूप से ‘गूगल’ हिज्जे में दूसरे ‘ओ’ को प्रतिबिंबित कर रहा है. मोर और पुष्प के आकार की आकृत्तियां इस ‘मोनोक्रोम’ (श्याम-श्वेत) डूडल को और आकर्षित बना रही है.

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‘डूडल’ को अहमदाबाद के अतिथि कलाकार पार्थ कोठेकर ने बनाया

गूगल की वेबसाइट के अनुसार, आज डूडल भारत का गणतंत्र दिवस बना रहा है. इस ‘डूडल’ को अहमदाबाद के अतिथि कलाकार पार्थ कोठेकर ने बनाया है. ‘डूडल’ बनाने का एक वीडि��ो भी वेबसाइट पर साझा किया गया. वीडियो में कोठेकर हाथ से डूडल बनाते नजर आ रहे हैं. कोठेकर ने कहा, मैं भारत का एक चित्र दर्शाना चाहता था.

डूडल हाथ से एक कागाज पर बनाया गया

वेबसाइट पर एक बयान में कहा गया, आज का डूडल हाथ से एक कागाज पर बनाया गया. गणतंत्र दिवस परेड के कई पलों को इसमें दर्शाया गया है, जिसमें राष्ट्रपति भवन (जहां राष्ट्रपति रहते हैं), इंडिया गेट, सीआरपीएफ (केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल) की एक टुकड़ी और मोटरसाइकिल सवार जवान शामिल हैं.

गणतंत्र दिवस समारोह का समापन 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ के साथ होता है

भारत ने 26 जनवरी 1950 को अपने संविधान को अपनाने के साथ ही खुद को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र देश घोषित किया था. गणतंत्र दिवस समारोह का समापन 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के साथ होता है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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