RBI New Guidelines: अक्सर देखा जाता है कि विदेश से पैसा भेजे जाने के बावजूद लाभार्थी (Beneficiary) के बैंक खाते में रकम पहुंचने में काफी समय लग जाता है. आरबीआई ने इस समस्या को पहचानते हुए बैंकों को अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को सुधारने और ग्राहकों को तत्काल सूचना देने का आदेश दिया है. ये नए नियम सर्कुलर जारी होने के 6 महीने बाद से प्रभावी होंगे.
RBI की नई गाइडलाइंस: क्या बदलेगा आपके लिए?
- तत्काल सूचना (Instant Intimation): जैसे ही आपके बैंक को विदेश से पैसे का मैसेज मिलेगा, उसे तुरंत आपको सूचित करना होगा. इससे ग्राहकों को अपने फंड की स्थिति ट्रैक करने में आसानी होगी.
- नॉस्ट्रो अकाउंट का बार-बार मिलान (Frequent Reconciliation): अभी कई बैंक दिन के अंत में अपने विदेशी खातों (Nostro Accounts) का मिलान करते हैं, जिससे देरी होती है. अब आरबीआई ने आदेश दिया है कि यह मिलान हर एक घंटे के भीतर या रियल-टाइम आधार पर होना चाहिए.
- उसी दिन क्रेडिट (Same-day Credit): बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि विदेशी मुद्रा बाजार के कामकाजी घंटों के दौरान प्राप्त भुगतान को उसी कार्यदिवस (Same Business Day) के भीतर लाभार्थी के खाते में जमा कर दिया जाए.
तकनीकी सुधार और डिजिटल इंटरफेस
- स्ट्रेट-थ्रू प्रोसेसिंग (STP): बैंक अब व्यक्तिगत निवासियों के खातों में बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे पैसा क्रेडिट करने के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम (STP) लागू कर सकते हैं, बशर्ते वे FEMA नियमों का पालन करें.
- डिजिटल ट्रैकिंग: आरबीआई ने बैंकों को सलाह दी है कि वे ग्राहकों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करें जहाँ वे अपने विदेशी लेनदेन की निगरानी कर सकें और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकें.
क्या होता है ‘नॉस्ट्रो अकाउंट’?
नॉस्ट्रो अकाउंट (Nostro Account): यह एक ऐसा बैंक खाता होता है जिसे कोई घरेलू बैंक (जैसे SBI या ICICI) किसी विदेशी बैंक में उस देश की मुद्रा में रखता है. उदाहरण के लिए, यदि भारतीय बैंक का अमेरिका के किसी बैंक में डॉलर में खाता है, तो वह उसका ‘नॉस्ट्रो अकाउंट’ कहलाएगा.
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