प्लेटफॉर्म टिकट होने के बावजूद लगा ₹500 का जुर्माना, नियम जानकर उड़ जाएंगे होश

Railway Platform Ticket Validity Rules : सावधान! रिश्तेदारों को स्टेशन छोड़ने जा रहे हैं तो यह नियम जान लीजिए. ट्रेन लेट होने पर जेब से कट सकता है ₹500 का फाइन, जानिए क्या है प्लेटफॉर्म टिकट का 2 घंटे वाला टाइम बम.

Railway Platform Ticket Validity Rules : मान लीजिए आप स्टेशन पर अपने किसी करीबी रिश्तेदार को छोड़ने या उन्हें रिसीव करने गए. आपने ईमानदारी से काउंटर से प्लेटफॉर्म टिकट भी खरीदा. लेकिन जैसे ही आप स्टेशन से बाहर निकलने लगे, टीटीई (TTE) ने आपको रोककर 500 रुपये का जुर्माना (Fine) थमा दिया!

आप सोचेंगे कि भाई न तो कहीं गंदगी फैलाई, न गुटखा थूका और न ही बिना टिकट सफर किया, फिर यह 500 रुपये का फटका क्यों लगा? आप हैरान रह जाएंगे कि यह जुर्माना इसलिए लगा क्योंकि जिस ट्रेन से आपके रिश्तेदार आने वाले थे, वह 5 घंटे की देरी (Late) से आई थी. अब आप कहेंगे कि ट्रेन लेट रेलवे की वजह से हुई, तो जुर्माना छोड़ने आने वाले पर क्यों? लेकिन रेलवे का नियम कुछ और ही कहता है.

कल्याण जंक्शन का अजीबोगरीब मामला

यह पूरा वाकया महाराष्ट्र के कल्याण जंक्शन (Kalyan Station) पर हुआ. एक व्यक्ति अपने रिश्तेदारों को ट्रेन में बिठाने गया था. ट्रेन कई घंटे लेट थी, इसलिए वह उनके साथ प्लेटफॉर्म पर ही रुका रहा. जब वह बाहर आने लगा तो टीटीई ने उसका प्लेटफॉर्म टिकट चेक किया. टिकट तो था, लेकिन उसकी समय सीमा (Validity) खत्म हो चुकी थी, जिसके बाद उस पर ₹500 का जुर्माना लगा दिया गया. सोशल मीडिया पर इस जुर्माने की पर्ची खूब वायरल हो रही है और लोग रेलवे के इस ढुलमुल रवैये पर जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं.

क्या कहता है रेलवे का ‘टाइम बम’ नियम ?

ज्यादातर लोगों को लगता है कि प्लेटफॉर्म टिकट खरीद लिया, तो वे पूरा दिन स्टेशन पर गुजार सकते हैं. लेकिन रेलवे के नियम एकदम साफ और कड़े हैं.

  • सिर्फ 2 घंटे की वैलिडिटी: एक प्लेटफॉर्म टिकट खरीदने के बाद आप स्टेशन परिसर के भीतर सिर्फ 2 घंटे तक ही रुक सकते हैं.
  • समय पार हुआ तो भारी पेनल्टी : जैसे ही आपके टिकट के 2 घंटे पूरे होते हैं, आपका प्लेटफॉर्म टिकट रद्दी का टुकड़ा बन जाता है. इसके बाद स्टेशन पर रुकने को ‘बिना टिकट’ माना जाता है.
  • जुर्माने का गणित : 2 घंटे से ज्यादा समय बिताने पर रेलवे ₹250 का सीधा जुर्माना लगाता है. इसके साथ ही, उस स्टेशन से सबसे पास वाले रेलवे स्टेशन तक का किराया भी जोड़ दिया जाता है. कल्याण वाले मामले में भी यही हुआ और कुल मिलाकर जुर्माना ₹500 तक पहुंच गया.

ट्रेन लेट होने पर क्या हैं नियम ?

इस मामले पर जनता का तर्क बिल्कुल सही है कि जब ट्रेन लेट करने की गलती रेलवे की है, तो आम नागरिक अपनी जेब से हर्जाना क्यों भरे?

अगर आपकी ट्रेन 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट होती है, तो रेलवे यात्रियों को तो सहूलियत देता है. ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर आप अपना टिकट कैंसिल कराकर पूरे पैसे वापस पा सकते हैं.

इसके लिए आपको ट्रेन के रवाना होने (Departure) के तय समय से 1 घंटा पहले तक ऑनलाइन IRCTC ऐप पर या काउंटर पर जाकर TDR (Ticket Deposit Receipt) फॉर्म भरना होता है.

यात्रियों के लिए तो ट्रेन लेट होने पर रिफंड का नियम है, लेकिन उन्हें स्टेशन पर छोड़ने आने वाले लोगों के प्लेटफॉर्म टिकट के लिए रेलवे के पास फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था या नियम नहीं है. ट्रेन चाहे 10 घंटे लेट हो, छोड़ने आने वाले का टिकट 2 घंटे में ही एक्सपायर माना जाएगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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