PPP Scheme: रिटायरमेंट के बाद स्वाभिमान के साथ जीने के लिए एक मोटा फंड होना बेहद जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो प्राइवेट जॉब या छोटा व्यवसाय करते हैं. अगर आप भी चाहते हैं कि बुढ़ापे में खर्चों के लिए किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े, तो पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. सरकारी सुरक्षा, टैक्स फ्री रिटर्न और कंपाउंडिंग की शक्ति इस स्कीम को लंबी अवधि के निवेश के लिए खास बनाती है.
क्या है PPF और कौन खोल सकता है खाता ?
PPF एक सरकारी बचत योजना है, जिसे सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है.
- कहां खुलवाएं: आप किसी भी सरकारी बैंक, चुनिंदा प्राइवेट बैंक या पोस्ट ऑफिस में यह खाता खोल सकते हैं.
- योग्यता: कोई भी भारतीय नागरिक यह खाता खुलवा सकता है. अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी खाता खोल सकते हैं.
- निवेश की सीमा: इसमें आप न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति वर्ष जमा कर सकते हैं.
PPF के शानदार फायदे: टैक्स फ्री और सुरक्षित
- जमा पर छूट: निवेश की गई राशि पर धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है.
- ब्याज पर छूट: हर साल मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है.
- मैच्योरिटी पर छूट: 15 साल बाद मिलने वाली कुल रकम (मूलधन + ब्याज) पर कोई टैक्स नहीं देना होता.
- वर्तमान ब्याज दर: सरकार फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज दे रही है, जिसकी समीक्षा हर तीन महीने में की जाती है.
₹1 करोड़ का फंड और ₹61,500 पेंशन का गणित
PPF का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, लेकिन इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है. ₹1 करोड़ का फंड तैयार करने के लिए आपको 25 साल तक धैर्य रखना होगा.
| समयावधिकुल निवेश (₹1.5 लाख/वर्ष)अनुमानित कुल फंड (7.1% ब्याज पर)15 साल बाद₹22,50,000~ ₹40.68 लाख20 साल बाद₹30,00,000~ ₹66.58 लाख25 साल बाद₹37,50,000~ ₹1.03 करोड़ |
|---|
Also Read: होली और रामनवमी समेत मार्च में 18 दिन बंद रहेंगे बैंक, ऐसे निपटाएं अपने जरूरी काम
