PNGS Reva Diamond IPO: पुणे की मशहूर ज्वेलरी कंपनी पी एन गडगिल एंड संस के प्रमोटेड ब्रांड, पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी ने अपने आईपीओ की तैयारी पूरी कर ली है. कंपनी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) जमा कर दिया है. यह आईपीओ 24 फरवरी को खुलेगा और 26 फरवरी को बंद होगा. अगर आप भी डायमंड ज्वेलरी के इस बिजनेस में निवेश करना चाहते हैं, तो ये आर्टिकल में इस आईपीओ की हर छोटी-बड़ी जानकारी दी गई है.
क्या है आईपीओ का पूरा शेड्यूल?
निवेशकों के लिए ये डेट्स बहुत इम्पोर्टेन्ट हैं:
- एंकर बुक (बड़े निवेशक): 23 फरवरी को खुलेगी.
- IPO ओपनिंग: 24 फरवरी.
- IPO क्लोजिंग: 26 फरवरी.
- शेयर अलॉटमेंट: 27 फरवरी तक फाइनल होगा.
- लिस्टिंग (बाजार में शुरुआत): 4 मार्च से शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होगी.
कंपनी कितने पैसे जुटा रही है?
रीवा डायमंड्स इस आईपीओ के जरिए 380 करोड़ रुपये जुटाने वाली है. खास बात यह है कि यह पूरा का पूरा फ्रेश इशू है, यानी जुटाया गया सारा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा. पहले यह प्लान 450 करोड़ का था, जिसे अब कम कर दिया गया है.
इस पैसे का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी ने अपनी ग्रोथ के लिए एक ठोस प्लान बनाया है:
- 15 नए स्टोर: लगभग 286.5 करोड़ रुपये देशभर में 15 नए एक्सक्लूसिव स्टोर खोलने पर खर्च होंगे. इनका फोकस टियर-1 और महाराष्ट्र के टियर-2 शहरों पर रहेगा.
- मार्केटिंग: 35.4 करोड़ रुपये ब्रांडिंग और प्रचार के लिए रखे गए हैं.
- अन्य खर्चे: बाकी पैसा कॉर्पोरेट कामकाज के लिए इस्तेमाल होगा.
कंपनी की कमाई कैसी है?
रीवा डायमंड्स का मुनाफा और रेवेन्यू तेजी से बढ़ रहा है:
- मुनाफा (Profit): मार्च 2025 में कंपनी का मुनाफा 40% बढ़कर 59.5 करोड़ रुपये रहा.
- कमाई (Revenue): पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू 32% बढ़कर 258.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
- फिलहाल कंपनी के 34 स्टोर हैं, जिनमें से ज्यादातर पी एन गडगिल एंड संस के स्टोर्स के अंदर ही चल रहे हैं.
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