PM Kisan Samman Nidhi: अगर ई-केवाईसी, भूलेख या बैंक लिंक ठीक नहीं, तो अगली PM-KISAN किस्त से रह जाएंगे पूरी तरह वंचित

PM Kisan Samman Nidhi: किसानों को सावधान किया गया है कि अगर उनका ई-केवाईसी, भूलेख सत्यापन या बैंक लिंक सही नहीं है, तो उन्हें अगली PM-KISAN 21वीं किस्त नहीं मिलेगी. तुरंत अपनी जानकारी और स्टेटस चेक करें, नहीं तो लाभ से वंचित रह सकते हैं.

PM Kisan Samman Nidhi: सरकार किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है. यह राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है.

किसानों के खाते में यह पैसा हर चार महीने के अंतराल पर तीन किस्तों में भेजा जाता है, प्रत्येक किस्त में 2,000 रुपये की राशि ट्रांसफर होती है. अब तक इस योजना की 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान अगली यानी 21वीं किस्त के लिए इंतजार कर रहे हैं.

21वीं किस्त की स्थिति

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी गई है. फिलहाल केवल कुछ राज्यों के किसानों को यह राशि मिल रही है. इन राज्यों में शामिल हैं:

  • पंजाब
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर

बाकी राज्यों के किसानों को अभी 21वीं किस्त का इंतजार है.

किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें

  • ई-केवाईसी अनिवार्य : यदि आपने अपने खाते का ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराया है, तो अगली किस्त नहीं मिलेगी. इसे पूरा करने के लिए आप PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ओटीपी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
  • भूलेख सत्यापन: किसानों का भूमि रिकॉर्ड (भूलेख) सत्यापित होना जरूरी है. यदि आपका भूलेख सत्यापन अधूरा है, तो आप किस्त से वंचित रह सकते हैं. सत्यापन के लिए अपने जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें.
  • फॉर्म में गलती: यदि आपने फॉर्म में कोई जानकारी गलत भरी है, जैसे बैंक खाता नंबर या अन्य विवरण, तो आपकी किस्त अटक सकती है.
  • आधार-खाता लिंक: किस्त पाने के लिए आपके बैंक खाते का आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है. यदि लिंक नहीं है, तो भी पैसा ट्रांसफर नहीं होगा.

अपनी किस्त की स्थिति कैसे चेक करें

किसान अपनी किस्त की स्थिति और बेनेफिशियरी लिस्ट आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.

  1. वेबसाइट खोलें: pmkisan.gov.in
  2. “Beneficiary Status” सेक्शन में जाएं
  3. अपना राज्य, जिला और बैंक खाता नंबर डालकर स्थिति देखें

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जानकारी सही रखें और समय-समय पर भूलेख, ई-केवाईसी और बैंक लिंकिंग की पुष्टि करते रहें. इससे अगली किस्त में किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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